सीजी भास्कर, 13 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ में वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion Campaign) को बढ़ावा देने के लिए 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में शिविर लगाए जाएंगे। इनमें पात्र नागरिकों को जनधन खाते, बीमा और पेंशन योजनाओं से जोड़ने के साथ बैंक खातों की केवाईसी, आधार लिंकिंग और निष्क्रिय खातों को दोबारा सक्रिय करने की सुविधा मिलेगी। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग की इस पहल का उद्देश्य बैंकिंग सुविधाओं से वंचित लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
हर पंचायत में लगेंगे शिविर
अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय में कम से कम एक शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविरों में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत नए बैंक खाते खोले जाएंगे। इसके साथ ही पात्र नागरिकों का प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना में नामांकन किया जाएगा। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के परिवारों को भी बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। इससे उन परिवारों तक योजनाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी, जो अब तक बैंकिंग सुविधाओं से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं।
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केवाईसी और आधार लिंकिंग
विशेष शिविरों में बैंकिंग सुविधाओं (Financial Inclusion Campaign) से जुड़े कई जरूरी काम किए जाएंगे। इनमें जनधन खाते खोलने, निष्क्रिय जनधन खातों को दोबारा सक्रिय करने और जनधन सहित अन्य बचत खातों की री-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा शामिल है। इसके अलावा बीमा योजनाओं में आधार लिंकिंग, लंबित केंद्रीय केवाईसी पहचान संख्या (CKYC) तैयार करने और बैंक खातों व लॉकर से जुड़ी नामांकन यानी नॉमिनी संबंधी जानकारी अपडेट करने का काम भी किया जाएगा। इससे खाताधारकों को बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
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डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव
अभियान के दौरान नागरिकों को वित्तीय साक्षरता (Financial Inclusion Campaign) और सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के बारे में जागरूक किया जाएगा। शिविरों में साइबर धोखाधड़ी से बचने के तरीके बताए जाएंगे। साथ ही, पात्र हितग्राहियों को विभिन्न वित्तीय योजनाओं में शामिल होने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में नामांकन के साथ बैंक खाते से प्रीमियम काटने के लिए लाभार्थी की स्पष्ट सहमति लेना अनिवार्य होगा। इससे योजनाओं में पारदर्शिता और खाताधारकों की सहमति सुनिश्चित की जा सकेगी।
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जिला प्रशासन करेगा निगरानी
अभियान का संचालन जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में किया जाएगा। अग्रणी जिला प्रबंधक विभिन्न बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, सहकारी बैंकों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति शिविरों की तारीख और स्थान निर्धारित करेगी।
अभियान (Financial Inclusion Campaign) को प्रभावी बनाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों, स्व-सहायता समूहों, बैंक मित्रों, ग्राहक सेवा केंद्रों और संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। इस पहल के जरिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के पात्र नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और बैंकिंग सुविधाओं से वंचित परिवारों तक वित्तीय सुरक्षा का दायरा बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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