सीजी भास्कर, 07 सितम्बर। अस्पताल की नकद रकम बैंक में जमा करने की जिम्मेदारी संभालने वाला कैशियर ही करीब 32 लाख रुपए के गबन का आरोपी निकला। आरोपी कई साल से अस्पताल में काम कर रहा था और कथित तौर पर बैंक में रकम जमा करने के बजाय उसे अपने पास रखता रहा। अधिकारियों को गुमराह करने के लिए वह रकम जमा होने की फर्जी जानकारी ई-मेल के जरिए भेजता था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। (Hospital Cashier Scam)
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बैंक में जमा करने के बजाय अपने पास रखता था रकम : Hospital Cashier Scam
मामला सुपेला थाना क्षेत्र की स्मृति नगर चौकी का है। हाईटेक अस्पताल, भिलाई के संचालक मनोज अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कैशियर जसविंदर सिंह (46) पर अस्पताल की रकम बैंक में जमा नहीं करने का आरोप लगाया गया था।
पुलिस के मुताबिक, जसविंदर को अस्पताल में रोजाना मिलने वाली नकद राशि बैंक में जमा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। आरोप है कि वह रकम बैंक में जमा करने के बजाय अपने पास रखता रहा। जब अधिकारी जमा रकम का हिसाब मांगते थे, तो वह ई-मेल के जरिए रकम बैंक में जमा होने की गलत जानकारी भेज देता था।
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छह साल की नौकरी में सामने आया 32 लाख का गबन
जसविंदर सिंह करीब छह साल से अस्पताल में कैशियर के पद पर काम कर रहा था। पुलिस जांच के दौरान अस्पताल के दस्तावेज, लेन-देन और अन्य रिकॉर्ड खंगाले गए। इस दौरान करीब 32 लाख रुपए की वित्तीय गड़बड़ी सामने आई।
जांच में पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की और रकम के इस्तेमाल से जुड़े साक्ष्य जुटाए। इसके आधार पर उसके खिलाफ स्मृति नगर चौकी में मामला दर्ज किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रकम कब-कब अस्पताल से निकाली गई और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।
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गबन की रकम से खरीदा 1.50 लाख का मोबाइल : Hospital Cashier Scam
पुलिस ने आरोपी के पास से सैमसंग कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। इसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस का दावा है कि यह मोबाइल कथित तौर पर गबन की रकम से खरीदा गया था।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की गई। पुलिस अब पूरे गबन की रकम, उसके इस्तेमाल और इससे जुड़े अन्य लेन-देन की जांच कर रही है।
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