सीजी भास्कर, 20 सितम्बर। भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला कारोबारी सप्ताह कई वैश्विक घटनाक्रमों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है। पिछले सप्ताह बाजार में मिलीजुली चाल देखने को मिली। निफ्टी में बढ़त रही, जबकि सेंसेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ। अब निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमत, पश्चिम एशिया में तनाव, रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। (Indian Stock Market)
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कच्चे तेल की कीमतों पर नजर : Indian Stock Market
कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। हाल में सऊदी अरब के यानबू एक्सपोर्ट हब पर क्रूड लोडिंग प्रभावित होने और ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने के बाद तेल बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। संभावित आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
गोल्डमैन सैक्स के ग्लोबल कमोडिटीज रिसर्च के को-हेड डान स्ट्रुवेन के अनुसार, मध्य पूर्व में जहाजों पर हमले बढ़ने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। वहीं, निर्यात सामान्य होने पर कीमतों के करीब 80 डॉलर प्रति बैरल तक लौटने का अनुमान जताया गया है।
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ईरान और पश्चिम एशिया का तनाव
होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। शुरुआती शिपिंग आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को इस मार्ग से केवल चार कमोडिटी जहाज गुजरे, जबकि पिछले 10 दिनों का औसत करीब 16 जहाज प्रतिदिन रहा है। ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे टोगो के एक तेल टैंकर पर हमला किया।
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ सकता है। इसका प्रभाव उन देशों और कंपनियों पर भी पड़ सकता है जो आयातित कच्चे तेल पर निर्भर हैं।
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रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध और विदेशी निवेश : Indian Stock Market
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 सितंबर को रूस पर प्रतिबंधों से जुड़े एक पैकेज को कानून का रूप दिया। इसके तहत रूसी तेल और प्राकृतिक गैस के बड़े खरीदार देशों पर 100 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया है। भारत और चीन जैसे रूसी ऊर्जा के बड़े खरीदार इस घटनाक्रम से प्रभावित हो सकते हैं।
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली भी एक महत्वपूर्ण संकेत बनी हुई है। पिछले सप्ताह एफआईआई ने करीब 7,620 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 11,232 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। महीने की शुरुआत से अब तक एफआईआई की शुद्ध बिकवाली करीब 7,041 करोड़ रुपये रही है, जबकि डीआईआई ने 36,219 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की है।
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