सीजी भास्कर, 06 अगस्त। ऑनलाइन फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी बाजार में प्रतिस्पर्धा के बीच स्विगी ने आने वाले वर्षों के लिए (Instamart Food Delivery) बड़ा लक्ष्य तय किया है। कंपनी अब तेजी से कारोबार बढ़ाने के साथ मुनाफे पर भी फोकस कर रही है। इसके लिए फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स और अन्य कारोबारों को मजबूत करने की रणनीति तैयार की गई है।
कंपनी का कहना है कि ग्राहकों की बढ़ती मांग और अपने बिजनेस मॉडल के दम पर वह अगले पांच वर्षों में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन हासिल करना चाहती है। इसी रणनीति के तहत कई नए विस्तार और परिचालन सुधारों की भी योजना बनाई गई है।

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पांच साल में 10 हजार करोड़ रुपये मुनाफे का लक्ष्य Instamart Food Delivery
फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी ने वित्त वर्ष 2031 तक हर साल 10 हजार करोड़ रुपये का एडजस्टेड ईबीआईटीडीए हासिल करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी ने कैपिटल मार्केट्स डे प्रेजेंटेशन के दौरान इसकी जानकारी दी। एडजस्टेड ईबीआईटीडीए कंपनी की वास्तविक परिचालन कमाई का संकेतक माना जाता है, जिसमें एकमुश्त खर्च और कुछ लेखांकन समायोजन शामिल नहीं होते।
फूड डिलीवरी कारोबार से बेहतर प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को एडजस्टेड ईबीआईटीडीए स्तर पर 2,483 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिसकी बड़ी वजह इंस्टामार्ट कारोबार रहा। हालांकि फूड डिलीवरी बिजनेस ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए 1,001 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया। कंपनी को उम्मीद है कि वर्ष 2031 तक केवल फूड डिलीवरी कारोबार से करीब 5 हजार करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मिलेगा।
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इंस्टामार्ट और दूसरे कारोबारों पर भी दांव
स्विगी का अनुमान है कि वर्ष 2031 तक इंस्टामार्ट से लगभग 4 हजार करोड़ रुपये और आउट ऑफ होम कंजम्पशन कारोबार से करीब 1 हजार करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग प्रॉफिट हासिल होगा। कंपनी के संस्थापक और समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीहर्ष मजेटी ने कहा कि मजबूत बिजनेस मॉडल और ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता कंपनी की सबसे बड़ी ताकत है।
एक लाख करोड़ रुपये ऑर्डर वैल्यू का लक्ष्य
कंपनी पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह आने वाले समय में अपने सभी कारोबारों को मिलाकर 1 लाख करोड़ रुपये की नेट ऑर्डर वैल्यू तक पहुंचना चाहती है। वहीं इंस्टामार्ट के लिए वर्ष 2031 तक 1.5 लाख करोड़ रुपये की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू का लक्ष्य रखा गया है, जो वित्त वर्ष 2026 की तुलना में कई गुना अधिक है।
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घाटा घटा, नए मॉडल की तैयारी
अप्रैल से जून तिमाही में स्विगी ने अपना कुल घाटा 34 प्रतिशत घटाकर 791 करोड़ रुपये कर लिया। कंपनी का कहना है कि इंस्टामार्ट अब योगदान स्तर पर संतुलन की स्थिति में पहुंच चुका है और ऑर्डर बढ़ने के साथ यह भी मुनाफे में आ सकता है। इसके साथ ही स्विगी अब इन्वेंट्री मॉडल अपनाने की तैयारी कर रही है। इस प्रस्ताव पर 18 अगस्त को होने वाली वार्षिक बैठक में शेयरधारकों से मंजूरी मांगी जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद नए मॉडल को लागू करने में लगभग 2 से 4 तिमाही का समय लग सकता है।
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