सीजी भास्कर, 07 अगस्त : मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। यमन और सऊदी अरब में गुरुवार को हुए बड़े हमलों के बाद क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बनने की आशंका गहरा गई है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर इन हमलों का आरोप लगाया जा रहा है। मिडिल ईस्ट तनाव (Middle East Tension) के बीच यमन में सेना के ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया गया, जबकि सऊदी अरब के नजरान शहर में भी हमला हुआ। इन घटनाओं में 58 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए गए हैं।
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यमन में मिसाइल और ड्रोन से हमला, 58 सैनिकों की मौत
यमन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सेना के कई ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। इस हमले में 58 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य जवान घायल हुए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि हमले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित समय पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हैं।
सऊदी अरब के नजरान शहर को भी बनाया निशाना
यमन के साथ-साथ सऊदी अरब के नजरान शहर में भी हमला किया गया। इस हमले में 11 लोग घायल हुए हैं, जिनमें सऊदी अरब, यमन, मिस्र और पाकिस्तान के नागरिक शामिल हैं। घायलों में चार साल का एक बच्चा भी बताया गया है। हमले के बाद कई स्थानों पर आग लग गई, जिसे राहत एवं बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद बुझाया।
क्षेत्रीय हालात पर दुनिया की नजर
पिछले 24 घंटे के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बातचीत की चर्चाएं भी तेज हुई हैं। इसी बीच होर्मुज और बाब-अल-मंदेब समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि इस क्षेत्र में नया शुल्क या प्रतिबंध लगाया गया तो वैश्विक व्यापार और वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ सकता है। वहीं लेबनान में हुए एक अलग हमले में दो इजरायली सैनिकों की मौत की भी खबर है।
हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों से बढ़ी चिंता
हूती विद्रोही लंबे समय से यमन की सरकार और सऊदी समर्थित गठबंधन के खिलाफ लड़ रहे हैं। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का आरोप है कि ईरान इस संगठन को हथियार और अन्य सैन्य सहायता उपलब्ध कराता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट तनाव (Middle East Tension) बढ़ने के साथ हूती विद्रोहियों के हमलों में भी तेजी देखी जा रही है, जिससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक समुद्री व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।



