सीजी भास्कर, 1 अगस्त : छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों के बिजली बिलों के बढ़ते बकाया को कम करने के लिए आज से स्मार्ट प्री-पेड मीटर (Smart Prepaid Meter) व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत विकासखंड स्तर और उससे ऊपर के सभी सरकारी बिजली कनेक्शनों पर स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाए जाएंगे। फिलहाल यह व्यवस्था केवल सरकारी बिजली कनेक्शनों पर लागू होगी। इससे बिजली बिलों के समय पर भुगतान और ऊर्जा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
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सरकारी कनेक्शनों पर लागू होगी नई व्यवस्था
नई व्यवस्था के तहत विकासखंड स्तर, जिला स्तर और राज्य स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट प्री-पेड मीटर (Smart Prepaid Meter) लगाए जाएंगे। इन मीटरों के जरिए बिजली का उपयोग पहले रिचार्ज की गई राशि के आधार पर होगा। इससे बिजली बिलों के बकाया पर नियंत्रण रखने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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नोडल अधिकारियों की नियुक्ति शुरू
बिजली कंपनी ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये अधिकारी स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाने, विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने और पूरी व्यवस्था की निगरानी करेंगे। इसके अलावा समयबद्ध तरीके से योजना लागू करने की जिम्मेदारी भी इन्हीं अधिकारियों पर होगी।
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3,300 करोड़ रुपये से अधिक बकाया की होगी वसूली
बिजली कंपनी के अनुसार सरकारी विभागों पर बिजली बिलों का बकाया 3,300 करोड़ रुपये से अधिक है। इस राशि की वसूली चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। नई स्मार्ट प्री-पेड मीटर (Smart Prepaid Meter) व्यवस्था लागू होने के बाद बिजली उपभोग और भुगतान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
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पारदर्शिता और समय पर भुगतान पर रहेगा फोकस
बिजली कंपनी का मानना है कि नई व्यवस्था से सरकारी विभागों में बिजली की खपत की बेहतर निगरानी हो सकेगी। साथ ही समय पर भुगतान सुनिश्चित होने से बकाया राशि बढ़ने की समस्या पर भी काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा। भविष्य में इस व्यवस्था के बेहतर परिणाम मिलने पर अन्य श्रेणियों में भी इसे लागू करने पर विचार किया जा सकता है।
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