सीजी भास्कर, 01 अगस्त। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। नारायणपुर जिले में बाढ़ के पानी से सीमा सुरक्षा बल (BSF) के कई कैंप जलमग्न हो गए, जिसके चलते जवानों को अपनी जान बचाने के लिए पेड़ों और कैंप की छतों पर शरण लेनी पड़ी। (Chhattisgarh Rain Alert)
बाद में राहत दल ने सभी जवानों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
यह भी पढ़ें : Udanti Bridge Collapse : बारिश के कहर में बहा निर्माणाधीन पुल, छत्तीसगढ़-ओडिशा मार्ग प्रभावित
नारायणपुर में बाढ़ से BSF कैंप प्रभावित, जवानों का रेस्क्यू : Chhattisgarh Rain Alert
लगातार बारिश के कारण नारायणपुर में बाढ़ की स्थिति बन गई, जिससे बीएसएफ के कई कैंप पानी में डूब गए। जवानों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए विशेष बचाव अभियान चलाया गया। राहत दल ने रस्सियों और अन्य संसाधनों की मदद से सभी जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं आरंग क्षेत्र के निसदा गांव में बाढ़ के पानी से घिरे एक परिवार के छह सदस्यों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने मोटरबोट के जरिए सुरक्षित निकाला।
यह भी पढ़ें : Keshkal Ghat Landslide Alert : लगातार बारिश से केशकाल घाट में बढ़ा खतरा, सड़क पर पेड़ गिरने से थमा यातायात

अगले दो दिन बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार विदर्भ और उससे लगे मध्य प्रदेश क्षेत्र में सक्रिय गहरे निम्न दबाव प्रणाली तथा मानसून ट्रफ के प्रभाव से प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। शनिवार को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने अगले दो दिनों तक मौसम का यही रुख बने रहने का अनुमान जताया है।
यह भी पढ़ें : Keshkal Ghat Landslide Alert : लगातार बारिश से केशकाल घाट में बढ़ा खतरा, सड़क पर पेड़ गिरने से थमा यातायात
नदियां उफान पर, कई जिलों में बढ़ा खतरा : Chhattisgarh Rain Alert
लगातार वर्षा के कारण रायगढ़ और सारंगढ़ के बीच महानदी का जलस्तर खतरे के करीब पहुंच गया है। दंतेवाड़ा के अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जबकि कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। राजधानी रायपुर में भी दिनभर बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
इस मानसून सीजन में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला सबसे अधिक वर्षा वाला जिला रहा है, जहां सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।
यह भी पढ़ें : Bagbahara Underbridge Waterlogging : बारिश में डूबा रेलवे अंडरब्रिज, आवागमन ठप


