सीजी भास्कर, 07 अगस्त : राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के मौके पर शुक्रवार को राजधानी रायपुर में विशेष उत्साह (Handloom Day) का माहौल रहेगा। प्रदेशभर से बुनकर, हस्तशिल्पी और रेशम कृषक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र को नई पहचान देने के उद्देश्य से कई अहम घोषणाएं और सौगातें दी जाएंगी।
कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ करते हुए बुनकरों, कारीगरों और विद्यार्थियों को लाभान्वित करेंगे। इस आयोजन को प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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कोशल फेब ब्रांड और बिलासा लोगो का होगा शुभारंभ Handloom Day
मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान कोशल फेब ब्रांड और बिलासा लोगो का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही इन्वेंटरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर, बुनकर डायरेक्टरी तथा टाई डाई विषय पर आधारित पुस्तक का भी विमोचन किया जाएगा।
मेधावी विद्यार्थियों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
समारोह में 935 मेधावी विद्यार्थियों को 81.83 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की जाएगी। इसके अलावा 17 वरिष्ठ बुनकरों को सम्मान राशि और 8 उत्कृष्ट बुनकरों को एक एक लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
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बुनकरों और समितियों को आर्थिक सहायता Handloom Day
राज्य सरकार 49 बुनकरों को आवास निर्माण के लिए 1.22 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता उपलब्ध कराएगी। वहीं 5 बुनकर समितियों को भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपये की स्वीकृति भी दी जाएगी।
उपकरण और नई परियोजनाओं की सौगात
कार्यक्रम में 85 बुनकरों को उन्नत उपकरण वितरित किए जाएंगे। रेशम कृषकों को आर्थिक सहायता और हस्तशिल्पियों को टूल किट भी प्रदान (Handloom Day) की जाएगी। इसके साथ ही जशपुर जिले के गोरिया गांव में ग्लेजिंग यूनिट की स्थापना के लिए 2.86 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जाएगी।
राज्य सरकार का कहना है कि इन पहलों से हथकरघा, हस्तशिल्प और रेशम उद्योग को नई गति मिलेगी। साथ ही प्रदेश के बुनकरों और कारीगरों की आजीविका मजबूत होने के साथ उनके उत्पादों को व्यापक पहचान भी मिलेगी।
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