सीजी भास्कर, 12 अगस्त। धमतरी जिले के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई राह (Electric Vehicle Training ) खुली है। नवीन शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था जीजामगांव में सत्र 2026 27 से पहली बार मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। बदलते ऑटोमोबाइल बाजार और इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए शुरू किया गया यह प्रशिक्षण युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने में मददगार हो सकता है।
नवीन आईटीआई का यह पहला प्रशिक्षण सत्र भी है। शुरुआत के साथ ही युवाओं को आधुनिक वाहन तकनीक से जोड़ने की तैयारी की गई है। खास बात यह है कि यह ट्रेड फिलहाल छत्तीसगढ़ के चुनिंदा पांच शासकीय आईटीआई में ही संचालित हो रहा है। ऐसे में जीजामगांव में इसकी शुरुआत जिले के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

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दो साल में सीखेंगे इलेक्ट्रिक वाहन की तकनीक Electric Vehicle Training
मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल दो वर्षीय पाठ्यक्रम है। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी तकनीक का सैद्धांतिक ज्ञान देने के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान बैटरी प्रबंधन प्रणाली, मोटर नियंत्रण, चार्जिंग व्यवस्था, वाहन सर्विसिंग और खराबी की पहचान जैसी तकनीकों पर काम कराया जाएगा। प्रशिक्षण को उद्योग की मौजूदा जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है, जिससे विद्यार्थी आगे रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
बढ़ते ई वाहन बाजार में रोजगार के अवसर
इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ने के साथ इस क्षेत्र में प्रशिक्षित तकनीशियनों की मांग भी बढ़ने की संभावना है। ई वाहन कंपनियों, अधिकृत सर्विस सेंटर, चार्जिंग स्टेशन, बैटरी सेवा और निर्माण इकाइयों के अलावा ऑटोमोबाइल क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बन सकते हैं।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवा नौकरी के साथ अपना सर्विस सेंटर या इलेक्ट्रिक वाहन से जुड़ी तकनीकी सेवा शुरू कर स्वरोजगार भी कर सकते हैं। इस लिहाज से नया ट्रेड युवाओं को बदलते रोजगार बाजार के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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जीजामगांव में विकास के साथ बढ़ेंगे अवसर
जीजामगांव क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ रोजगार, कौशल और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। क्षेत्र में फॉरेस्ट पार्क, फूड पार्क सहित अलग अलग विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
ऐसे में स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ना क्षेत्र के विकास में उपयोगी साबित हो सकता है। आईटीआई में नया ट्रेड शुरू होने से युवाओं को अपने क्षेत्र में ही तकनीकी प्रशिक्षण हासिल करने का अवसर मिलेगा।
नवीन आईटीआई भवन के लिए जमीन भी चिन्हित कर ली गई है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने पिछले महीने प्रस्तावित जमीन का निरीक्षण किया था।
प्रवेश प्रक्रिया शुरू, ऑनलाइन आवेदन का मौका Electric Vehicle Training
जिला धमतरी की नोडल संस्था शासकीय आईटीआई कुरूद के प्राचार्य योगेश देवांगन ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से नए ट्रेड में प्रवेश लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण युवाओं के भविष्य के लिए उपयोगी होगा।
आईटीआई में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीयन और चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद नियमानुसार मेरिट और चयन सूची जारी कर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
ट्रेड और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी शासकीय आईटीआई कुरूद से संपर्क कर सकते हैं।
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मुख्यमंत्री की घोषणा से मिली थी सौगात
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 23 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कुरूद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करेली बड़ी में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण समारोह में जिले के लिए 83 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात (Electric Vehicle Training) दी थी।
इसमें ग्राम करेली बड़ी में महाविद्यालय की स्थापना, कुरूद के जीजामगांव में नवीन आईटीआई, करेली बड़ी और खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत का दर्जा, कुरूद और भखारा में शहरी जल प्रदाय योजना का विस्तार, भेण्डरी से बरोंडा एनीकट निर्माण, कुरूद को नगरपालिका परिषद का दर्जा सहित कई विकास कार्य शामिल थे।
नए आईटीआई में इलेक्ट्रिक वाहन प्रशिक्षण की शुरुआत इसी दिशा में युवाओं को तकनीकी कौशल से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखी जा रही है।
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रिपोर्टर : रिजवान मेमन




