सीजी भास्कर, 8 अगस्त : छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बड़ी बढ़त मिलने जा रही है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ग्राम पटेवा में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (Chhattisgarh EMC 2.0) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना से 3,000 करोड़ से अधिक का निवेश आने और करीब 9,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। परियोजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) करेगा।
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केंद्र सरकार देगी 210.56 करोड़ की सहायता
EMC 2.0 परियोजना की कुल लागत ₹432.08 करोड़ निर्धारित की गई है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से ₹210.56 करोड़ की वित्तीय सहायता मंजूर की गई है। इस मंजूरी के बाद प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (Electronics Manufacturing) क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार इस परियोजना को औद्योगिक विकास के लिहाज से अहम मान रही है। क्लस्टर में आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं विकसित होने से इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों को निवेश के लिए बेहतर वातावरण मिल सकेगा।
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छत्तीसगढ़ का दूसरा बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर
नवा रायपुर में स्थापित पहले इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के बाद राजनांदगांव में बनने वाला यह प्रदेश का दूसरा बड़ा EMC होगा। इसके विकसित होने के बाद उद्योगों को आधुनिक आधारभूत ढांचा, औद्योगिक भूखंड और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार को उम्मीद है कि इस क्लस्टर से नए निवेशकों को छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित करने में मदद मिलेगी। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होने की संभावना है।
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306 एकड़ में तैयार होगा आधुनिक औद्योगिक परिसर
राजनांदगांव के ग्राम पटेवा में यह क्लस्टर 306.56 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसमें 150.56 एकड़ जमीन औद्योगिक भूखंडों के लिए आरक्षित की गई है। परिसर में रेडी-बिल्ट फैक्ट्री, निर्बाध बिजली और जल आपूर्ति, वेयरहाउस समेत अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना के लिए आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां भी प्राप्त हो चुकी हैं। इससे क्लस्टर के विकास और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का काम आगे बढ़ाने में आसानी होगी।
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सेमीकंडक्टर और EV कंपनियों ने दिखाई रुचि
सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की चार एंकर कंपनियों ने क्लस्टर में निवेश की रुचि दिखाई है। इन कंपनियों की ओर से करीब ₹365 करोड़ के शुरुआती निवेश का प्रस्ताव दिया गया है। इन कंपनियों के निवेश से परियोजना शुरू होने के साथ ही औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (Electronics Manufacturing) के साथ कंपोनेंट निर्माण और संबंधित उद्योगों को भी इसका फायदा मिल सकता है।
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9,000 युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के रास्ते
EMC 2.0 परियोजना से करीब 9,000 गुणवत्तापूर्ण और दीर्घकालिक रोजगार के अवसर (Employment Opportunities) पैदा होने की उम्मीद है। सरकार का फोकस स्थानीय युवाओं को इन रोजगार अवसरों से जोड़ने पर भी रहेगा। इसके लिए तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों को उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं को आवश्यक कौशल हासिल करने में मदद मिलेगी और कंपनियों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा।
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निवेशकों के लिए आसान होगी मंजूरी की प्रक्रिया
उद्योग विभाग के अनुसार निवेशकों के लिए त्वरित और पारदर्शी व्यवस्था विकसित की गई है। ‘वनक्लिक’ सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए भूमि आवंटन और जरूरी स्वीकृतियां तय समयसीमा में उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य उद्योगों की स्थापना में होने वाली अनावश्यक देरी को कम करना है। सरकार की कोशिश है कि निवेशकों को एक ही प्लेटफॉर्म के जरिए जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने की सुविधा मिले।
डिजिटल इंडिया को मिलेगा बढ़ावा
राजनांदगांव में बनने वाला यह क्लस्टर ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को भी मजबूती देगा। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (Electronics Manufacturing), कंपोनेंट निर्माण और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलने से छत्तीसगढ़ को देश के उभरते इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिल सकती है।
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