सीजी भास्कर, 14 अगस्त : यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ एक बार फिर ड्रोन हमला (Saudi Arabia Tension) करने का दावा किया है। हूतियों के अनुसार, दक्षिणी सऊदी अरब के जिजान इलाके में स्थित अरामको के तेल संयंत्र को दो ड्रोन से निशाना बनाया गया। समूह ने दावा किया कि दोनों ड्रोन अपने लक्ष्य तक पहुंचे। इस दावे के बाद सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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यमन में कार्रवाई के जवाब में हमले का दावा
हूती समूह की समाचार एजेंसी ने एक सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा कि यह हमला यमन के सादा और हज्जाह इलाकों (Saudi Arabia Tension) में हुई कार्रवाई के जवाब में किया गया। हूतियों ने चेतावनी दी कि यमन की जमीन और हवाई क्षेत्र में किसी भी तरह की दखल का जवाब दिया जाएगा।
समूह ने कहा कि यमन के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। हालांकि, ड्रोन हमले से तेल संयंत्र को कितना नुकसान हुआ है, इसकी तत्काल कोई जानकारी सामने नहीं आई है। सऊदी अरब की ओर से भी हूतियों के इस दावे पर तत्काल कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
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पहले भी तेल ठिकानों को निशाना बनाने का दावा
जिजान के तेल संयंत्र को निशाना बनाने का दावा पहली बार सामने नहीं आया है। हूती विद्रोही पहले भी सऊदी अरब (Saudi Arabia Tension) के तेल ठिकानों पर हमले करने का दावा करते रहे हैं। रविवार को भी समूह ने लाल सागर के पास स्थित एक तेल संयंत्र को निशाना बनाने का दावा किया था। हूतियों ने उस कार्रवाई को भी यमन में की गई कार्रवाई का जवाब बताया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे दावों से सऊदी अरब और हूतियों के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
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युद्धविराम की कोशिशों के बीच बढ़ी चिंता
यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष के बीच क्षेत्र में शांति और युद्धविराम कायम रखने की कोशिशें होती रही हैं। इसके बावजूद हालिया घटनाक्रम से दोनों पक्षों के बीच तनाव दोबारा बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।
हूतियों की ओर से सऊदी अरब के समुद्री रास्तों और तेल से जुड़े ठिकानों को लेकर पहले भी धमकियां और हमलों के दावे किए गए हैं। ऐसे घटनाक्रम से लाल सागर में जहाजों की आवाजाही और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी असर पड़ने की चिंता बढ़ सकती है।
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