सीजी भास्कर, 03 सितम्बर। राम मंदिर से जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। इसके साथ ही तीन नए सदस्यों को ट्रस्टी बनाया गया है। इनमें वरिष्ठ वकील मदन मोहन पांडे, कारोबारी महेश भागचंदका और पूर्व प्राचार्य निर्मला यादव शामिल हैं। (Ram Mandir Trust New Trustees)
ट्रस्ट की बैठकों में कई अहम फैसले लिए गए। मौजूदा कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी को पूर्णकालिक महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि महेश भागचंदका को नया कोषाध्यक्ष बनाया गया है। यह बदलाव ट्रस्ट के कामकाज को अधिक व्यवस्थित और पेशेवर बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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जितेंद्र मिश्रा संभालेंगे ट्रस्ट की अहम जिम्मेदारियां : Ram Mandir Trust New Trustees
पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को तीन साल के कार्यकाल के लिए ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया है। वह फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट रह चुके हैं। इसी साल 30 अप्रैल को वह वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
जितेंद्र मिश्रा उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। नई जिम्मेदारी में उनसे मंदिर की सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स, भीड़ प्रबंधन और रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज की निगरानी की उम्मीद है।
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महेश, मदन मोहन और निर्मला यादव की नई भूमिका
दिल्ली के कारोबारी महेश भागचंदका को ट्रस्ट का नया कोषाध्यक्ष बनाया गया है। वह M2K ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन हैं। इसके अलावा वह अशोक सिंघल फाउंडेशन से भी जुड़े रहे हैं। ट्रस्ट में अब उनकी जिम्मेदारी वित्तीय मामलों और दान से जुड़े प्रबंधन की होगी।
वरिष्ठ वकील मदन मोहन पांडे को भी ट्रस्टी बनाया गया है। 74 वर्षीय पांडे राम जन्मभूमि मालिकाना हक विवाद में रामलला विराजमान और महंत रामचंद्र परमहंस दास की ओर से कानूनी पक्ष रख चुके हैं। वह 2019 में सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले तक इस कानूनी लड़ाई से जुड़े रहे।
निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य बनी हैं। वह शिकोहाबाद के एक पीजी कॉलेज की पूर्व प्राचार्य और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की उपाध्यक्ष हैं। वह लंबे समय से सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों से जुड़ी रही हैं।
ट्रस्ट में यह बदलाव मंदिर के चंदे में कथित हेराफेरी के विवाद के बीच हुआ है। मामले (Ram Mandir Trust New Trustees) में जांच के बाद कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी और आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई थी। नए प्रशासनिक ढांचे के जरिए मंदिर की सुरक्षा, वित्तीय व्यवस्था और रोजमर्रा के संचालन को अधिक पेशेवर तरीके से संभालने की कोशिश की जा रही है।
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