मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से की मुलाकात; नई औद्योगिक नीति में टेक्सटाइल को थ्रस्ट सेक्टर का दर्जा
- नई औद्योगिक नीति में टेक्सटाइल को थ्रस्ट सेक्टर का दर्जा Textile Sector Chhattisgarh
- नवा रायपुर में विकसित होगा टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग इको-सिस्टम
- कोसा परंपरा को आधुनिक बाजार से जोड़ने की तैयारी
- NIFT से आधुनिक तकनीक और डिजाइन को मिलेगा बढ़ावा
- सेंट्रल इंडिया का प्रमुख टेक्सटाइल हब बनने की क्षमता
- तकनीक और नवाचार में केंद्र देगा सहयोग
एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए विशेष प्रोत्साहन, नवा रायपुर में टेक्सटाइल यूनिट्स की स्थापना को मिल रही गति
रायपुर, 4 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार की संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार इस क्षेत्र में निवेश और रोजगार बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम (Textile Sector Chhattisgarh) कर रही है। नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन दिए जाने से निवेशकों की रुचि बढ़ी है। इससे प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
राज्य सरकार का जोर टेक्सटाइल उद्योग के साथ आधुनिक तकनीक, डिजाइन और पारंपरिक वस्त्र कौशल को जोड़ने पर है। टेक्सटाइल सेक्टर (Textile Sector Chhattisgarh) में निवेश बढ़ने से उत्पादन के साथ सहायक उद्योगों और स्थानीय उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात कर विस्तार से चर्चा की।

नई औद्योगिक नीति में टेक्सटाइल को थ्रस्ट सेक्टर का दर्जा Textile Sector Chhattisgarh
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल सेक्टर (Textile Sector Chhattisgarh) को थ्रस्ट सेक्टर के रूप में शामिल किया गया है। इसके तहत टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन और अनुदान का प्रावधान किया गया है।
राज्य सरकार की नीति का उद्देश्य निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना है। एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। श्रम आधारित होने के कारण टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है।
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नवा रायपुर में विकसित होगा टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग इको-सिस्टम
मुख्यमंत्री ने बताया कि नवा रायपुर अटल नगर में टेक्सटाइल क्षेत्र की नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को गति मिल रही है। सरकार का प्रयास केवल उत्पादन इकाइयां स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां डिजाइन, उत्पादन, कौशल विकास, आधुनिक तकनीक और बाजार से जुड़ा समग्र इको-सिस्टम विकसित करने का है।
टेक्सटाइल उद्योग (Textile Sector Chhattisgarh) के विस्तार से महिलाओं और युवाओं के लिए भी रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होंगे। निवेश बढ़ने से सहायक उद्योगों और स्थानीय उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
कोसा परंपरा को आधुनिक बाजार से जोड़ने की तैयारी
बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध वस्त्र और हस्तशिल्प परंपरा का भी उल्लेख किया। प्रदेश का कोसा सिल्क देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखता है। विशेष रूप से चांपा और आसपास के क्षेत्रों की कोसा परंपरा राज्य की सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सरकार का प्रयास इस पारंपरिक कौशल को आधुनिक डिजाइन, तकनीक, ब्रांडिंग और व्यापक बाजार से जोड़ना है। कोसा वस्त्र परंपरा (Textile Sector Chhattisgarh) को नए बाजार से जोड़ने से स्थानीय बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
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NIFT से आधुनिक तकनीक और डिजाइन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) की स्थापना इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे युवाओं को फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी और संबंधित आधुनिक क्षेत्रों में शिक्षा और प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे।
NIFT जैसे संस्थान और नई टेक्सटाइल इकाइयों के बीच समन्वय से डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक मजबूत वैल्यू चेन विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे पारंपरिक वस्त्र कला को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप नए उत्पादों और डिजाइनों से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
सेंट्रल इंडिया का प्रमुख टेक्सटाइल हब बनने की क्षमता
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत के साथ वैश्विक स्तर पर भी टेक्सटाइल और अपैरल क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं।
टेक्सटाइल हब (Textile Sector Chhattisgarh) के रूप में छत्तीसगढ़ के उभरने की संभावना को देखते हुए उपलब्ध संसाधन, निवेश-अनुकूल नीति और रोजगार आधारित प्रोत्साहन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल यूनिट्स के विस्तार से प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
तकनीक और नवाचार में केंद्र देगा सहयोग
केंद्रीय वस्त्र मंत्री ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग करेगी। उन्होंने आधुनिक तकनीक, नवाचार, कौशल विकास और नई संभावनाओं के विस्तार के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसा टेक्सटाइल इको-सिस्टम (Textile Sector Chhattisgarh) विकसित करना चाहती है, जिसमें निवेश और रोजगार के साथ स्थानीय कौशल, पारंपरिक वस्त्र कला, आधुनिक डिजाइन और तकनीक का समन्वय हो। नई औद्योगिक नीति, नवा रायपुर में विकसित हो रहे औद्योगिक वातावरण और NIFT जैसे संस्थानों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को टेक्सटाइल और अपैरल मैन्युफैक्चरिंग के प्रमुख केंद्रों में शामिल करने की दिशा में प्रयास जारी हैं।



