सीजी भास्कर, 6 सितंबर : ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिए कलेक्टर और सीईओ (Collector Sukma) खुद गांव पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर पेड़ के नीचे चौपाल लगाई। इस दौरान स्कूल, आंगनबाड़ी, सिंचाई और अन्य विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। बिजली की सुविधा जल्द उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया गया।
20 किमी दूर से ट्रैक्टर में पहुंचे थे ग्रामीण
सुकमा जिले के मेटागुड़ा गांव में कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर बाइक से पहुंचे। दो दिन पहले ग्रामीण करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय कर ट्रैक्टर से जिला मुख्यालय पहुंचे थे। उन्होंने प्रशासन के सामने स्कूल, आंगनबाड़ी, सड़क, बिजली और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग रखी थी।
ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकारी खुद गांव पहुंचे। चौपाल में अधिकारियों ने ग्रामीणों की मांगें सुनीं और कई कार्यों को तत्काल मंजूरी दी। कलेक्टर-सीईओ (Collector Sukma) के सीधे गांव पहुंचने से ग्रामीणों ने राहत और खुशी जताई।
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स्कूल और आंगनबाड़ी भवन को मंजूरी
ग्रामीणों की मांग पर मेटागुड़ा में आंगनबाड़ी भवन के निर्माण को मंजूरी दी गई। वहीं आमापेंटा में प्राथमिक शाला भवन निर्माण की भी स्वीकृति दी गई। अन्य मांगों को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जरूरी विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। कलेक्टर-सीईओ (Collector Sukma) की पहल से ग्रामीणों को लंबे समय से लंबित मांगों के पूरा होने की उम्मीद जगी है।
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नहर और तालाब निर्माण को मिली स्वीकृति
गांव में सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए नहर विकास कार्य को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा वीबी-जी रामजी योजना के तहत तालाब निर्माण की स्वीकृति भी दी गई। इन कार्यों से ग्रामीणों को सिंचाई सुविधा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। सड़क की मांग पर डीपीआर तैयार कर राज्य सरकार को भेजने की बात कही गई। इससे सड़क निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
दो महीने में बिजली, सोमवार को दस्तावेज शिविर
ग्रामीणों ने गांव में बिजली नहीं होने की समस्या भी अधिकारियों के सामने रखी। प्रशासन ने करीब दो महीने के भीतर विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। वहीं सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सोमवार को गांव में विशेष दस्तावेज शिविर लगाया जाएगा।
शिविर में आधार, वोटर आईडी, राशन कार्ड, श्रम कार्ड और आयुष्मान कार्ड से जुड़े काम किए जाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार प्रशासनिक अधिकारी सीधे गांव पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। कलेक्टर-सीईओ (Collector Sukma) के इस दौरे के बाद ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी वर्षों पुरानी मांगों के पूरा होने की उम्मीद बढ़ी है।
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