सीजी भास्कर, 08 सितम्बर। दुर्ग पुलिस ने म्यूल बैंक खाते के जरिए साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में शामिल दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सुपेला थाना पुलिस और एसीसीयू की टीम ने कार्रवाई करते हुए यशपाल सिंह उर्फ लक्की पाजी (38), निवासी रामनगर और हेमंत दास दखानी (50), निवासी सिंधी कॉलोनी रायपुर को पकड़ा है। दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे। (Cyber Fraud Account Case)
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है।
साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने में होते थे खातों का इस्तेमाल : Cyber Fraud Account Case
पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगी से हासिल रकम को एक बैंक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए कई खातों का इस्तेमाल किया गया था। बैंक खातों के लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच के दौरान यशपाल और हेमंत की भूमिका सामने आई।
जांच में पता चला कि दोनों ने बैंक खातों के साथ पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड भी दूसरे लोगों को उपलब्ध कराए थे। इन खातों में साइबर ठगी की रकम जमा होने के बाद उसे अलग-अलग खातों के जरिए आगे भेजा जाता था।

2 हजार से 15 हजार रुपए तक मिलता था कमीशन
पुलिस के अनुसार, आरोपी कमीशन और अन्य आर्थिक फायदे के लालच में बैंक खातों से जुड़ी जरूरी सामग्री उपलब्ध कराते थे। इसके बदले उन्हें करीब 2 हजार से 15 हजार रुपए तक कमीशन या अन्य लाभ मिलता था।
जांच में सामने आया कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया गया। पुलिस ने बैंकिंग दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों को भी जब्त किया है।
तिल्दा के दो बैंकों से जुड़े मिले खाते : Cyber Fraud Account Case
मामले की जांच के दौरान पुलिस को इस्तेमाल किए गए बैंक खातों का कनेक्शन रायपुर जिले के तिल्दा स्थित पंजाब नेशनल बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक से मिला। पुलिस ने इन खातों में हुए लेन-देन का विश्लेषण किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका की पुष्टि की।
आरोपियों की तलाश के बाद सुपेला थाना और एसीसीयू की टीम ने 6 सितंबर को दोनों को गिरफ्तार किया। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की भी जांच कर रही है।
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