सीजी भास्कर, 08 सितंबर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में घर में काम करने वाली 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई (Minor Girl Suicide Case) की है। भटगांव थाना पुलिस ने बच्ची को आत्महत्या के लिए उकसाने और उसके साथ कथित रूप से प्रताड़ना करने के आरोप में 67 वर्षीय श्रवण कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि बच्ची आरोपी के घर पर काम करती थी और कई बार अपने घर जाने की इच्छा जता चुकी थी, लेकिन उसे घर नहीं भेजा गया।
- 1 सितंबर को कमरे में फंदे से लटका मिला था बच्ची का शव Minor Girl Suicide Case
- कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई पंचनामा कार्रवाई
- परिजनों के असंतोष के बाद दोबारा कराया गया पोस्टमार्टम
- घर जाने की इच्छा जताती थी बच्ची, जांच में सामने आई प्रताड़ना की बात
- BNS, जेजे एक्ट और बाल श्रम कानून के तहत केस दर्ज
- पुलिस आगे की जांच में जुटी
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), जेजे एक्ट, बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम और SC/ST एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।

1 सितंबर को कमरे में फंदे से लटका मिला था बच्ची का शव Minor Girl Suicide Case
पुलिस के अनुसार, घटना 1 सितंबर 2026 की है। दोपहर करीब 3:15 बजे नाबालिग बच्ची ने आरोपी के घर स्थित अपने कमरे में दुपट्टे से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली थी।
घटना की सूचना मिलते ही भटगांव पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ वीडियोग्राफी कराई गई और जरूरी साक्ष्य जुटाए गए।
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कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई पंचनामा कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि शव को SECL अस्पताल भटगांव की मर्चुरी में रखा गया। मृतका नाबालिग थी, इसलिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पंचनामा कार्रवाई पूरी की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने परिजनों और आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज किए।
परिजनों के असंतोष के बाद दोबारा कराया गया पोस्टमार्टम
प्रारंभिक रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटगांव के डॉक्टरों ने शव का पोस्टमार्टम किया था। हालांकि मृतका के परिजनों ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया को लेकर असंतोष जताया।
इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के डॉक्टरों की टीम से दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया गया।
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घर जाने की इच्छा जताती थी बच्ची, जांच में सामने आई प्रताड़ना की बात
पुलिस की मर्ग जांच में पंचनामा, घटनास्थल निरीक्षण, जब्त सामान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों एवं गवाहों के बयान शामिल किए गए।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि बच्ची आरोपी के घर पर काम करती थी और कई बार अपने घर वापस जाने की इच्छा जता चुकी थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी के कथित व्यवहार और परेशान किए जाने के कारण बच्ची मानसिक रूप से परेशान थी।
उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया।
BNS, जेजे एक्ट और बाल श्रम कानून के तहत केस दर्ज
भटगांव थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस नंबर 166/2026 दर्ज किया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 107, जेजे एक्ट की धारा 75, बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम की धारा 14 और SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(ट) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 7 सितंबर को आरोपी श्रवण कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।
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पुलिस आगे की जांच में जुटी
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के साथ मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद क्षेत्र में नाबालिग बच्चों से घरेलू काम कराने और उनकी सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।ॉ
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