सीजी भास्कर, 12 सितंबर : स्कूल जाते समय नाले के तेज बहाव में शिक्षक (Keshkal Teacher Accident) वाहन समेत बह गए। अचानक पानी बढ़ने से सामने आई इस घटना में शिक्षक ने किसी तरह अपनी जान बचा ली, जबकि उनका वाहन पानी के बहाव में बह गया। हादसे के बाद करीब डेढ़ घंटे की तलाश के बाद वाहन एक पेड़ में फंसा मिला और स्थानीय लोगों ने रस्सी के सहारे उसे बाहर निकाला। यह हादसा ऐसे स्थान पर हुआ, जहां आगे करीब 100 फीट गहरा जलप्रपात बताया जा रहा है।

मामला केशकाल क्षेत्र का है। शनिवार 12 सितंबर 2026 की सुबह करीब 7:30 बजे हाई स्कूल कुएंमारी में पदस्थ अंग्रेजी शिक्षक धर्मेंद्र दास वैष्णव स्कूल जा रहे थे। इसी दौरान छोटी पुलिया से गुजरते समय वह नाले के तेज बहाव की चपेट में आ गए और वाहन समेत बहने लगे। शिक्षक ने किसी तरह खुद को संभाला और सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन उनका वाहन पानी के तेज बहाव में बह गया।
रस्सी के सहारे निकाला वाहन
हादसे (Keshkal Teacher Accident) के बाद शिक्षक और स्थानीय लोगों ने वाहन की तलाश शुरू की। करीब डेढ़ घंटे बाद वाहन एक पेड़ में अटका हुआ मिला। इसके बाद स्थानीय लोग रस्सी लेकर मौके पर पहुंचे। कुएंमारी संकुल एवं बावनीमारी संकुल के शिक्षकों और ग्रामीणों ने मिलकर वाहन को रस्सी से बांधा और काफी मशक्कत के बाद उसे नाले से बाहर निकाला।
घटना के दौरान शिक्षक के सुरक्षित बच जाने से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, तेज बहाव में वाहन के बहने से यह साफ हो गया कि बारिश के दौरान यह मार्ग कितना जोखिम भरा हो सकता है।
आगे था 100 फीट गहरा जलप्रपात
घटनास्थल के आगे करीब 100 फीट गहरा जलप्रपात (Keshkal Teacher Accident) बताया जा रहा है। यदि शिक्षक और वाहन पानी के बहाव के साथ आगे तक बह जाते तो बड़ा हादसा हो सकता था। समय रहते शिक्षक के सुरक्षित बच जाने से एक गंभीर दुर्घटना टल गई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बारिश के दौरान यहां से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि तेज बहाव के समय छोटी पुलिया से गुजरना बेहद जोखिम भरा हो जाता है।
छोटी पुलिया पर उठे सवाल
ग्रामीणों के अनुसार यहां बड़ी और सुरक्षित पुलिया की जरूरत थी, लेकिन वर्तमान में छोटी पुलिया बनी हुई है। पुलिया के बीच में गड्ढा होने के कारण बारिश के दौरान नाले में पानी बढ़ने पर यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि पानी कितना गहरा है और पुलिया या सड़क की वास्तविक स्थिति क्या है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति (Keshkal Teacher Accident) में थोड़ी सी लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। बारिश के दिनों में तेज बहाव के बीच इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों के लिए यह स्थान लगातार खतरा बना हुआ है।
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समय रहते सुरक्षा की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है। इसके साथ ही पुलिया की तकनीकी स्थिति की जांच कर जरूरत के अनुसार बड़ी और सुरक्षित पुलिया बनाने की मांग उठाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि घटना को चेतावनी के तौर पर लेते हुए समय रहते सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जानी चाहिए।
बैरिकेडिंग और संकेतक लगाने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि शनिवार की घटना (Keshkal Teacher Accident) में शिक्षक की जान बाल-बाल बची है। यदि वाहन पेड़ में नहीं अटकता और पानी के साथ आगे बह जाता तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। ऐसे में किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए।
ग्रामीणों ने बारिश के दौरान मार्ग पर चेतावनी संकेतक, आवश्यक बैरिकेडिंग और सुरक्षित पुलिया की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही संबंधित विभाग से मौके की जांच कर स्थायी समाधान निकालने की अपील की गई है।
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