पहनावे और शुचिता को लेकर सख्ती : Ram Mandir Priest Rules
सीजी भास्कर, 14 सितम्बर। अयोध्या स्थित राम मंदिर में पुजारियों की सेवा और आचरण को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत पुजारियों को धर्म समिति की ओर से निर्धारित वस्त्र ही पहनने होंगे। मंदिर परिसर में तिलक लगाना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही पंचकेशी क्षौर का पालन करना भी जरूरी होगा। (Ram Mandir Priest Rules)
शौच के बाद बिना स्नान किए मंदिर या कोठार में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मंदिर प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए भोग-प्रसाद के अलावा बाहर से किसी अन्य सामग्री को गर्भगृह में ले जाने पर भी रोक रहेगी।
गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक
नई व्यवस्था के तहत पुजारियों को गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। ड्यूटी के दौरान मंदिर व्यवस्था, धर्मगुरु और आचार्यों के अलावा अन्य कर्मचारियों, ट्रस्ट से जुड़े लोगों या सुरक्षा कर्मियों से अनावश्यक बातचीत और संपर्क से बचने के निर्देश दिए गए हैं।
मंदिर में रहने के दौरान पुजारियों को आपस में लगातार बातचीत, समूह में चर्चा और हंसी-मजाक से दूर रहने को कहा गया है। किसी अप्रिय स्थिति या घटना की स्थिति में शांतिपूर्वक मामले को संभालने और जरूरत पड़ने पर जिम्मेदार अधिकारियों से सहयोग लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सेवा समाप्त होने पर देनी होगी लिखित समीक्षा : Ram Mandir Priest Rules
पुजारियों को निर्धारित समय का पालन करने और सेवा के दौरान तय स्थान पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसी तरह की असंतुष्टि या असहयोग की स्थिति में आचार्य से सलाह लेने को कहा गया है। सेवाकाल समाप्त होने के बाद सहयोगियों को लिखित रूप में समीक्षा भी देनी होगी।
आचार्य इंद्रदेव मिश्रा के अनुसार, राम मंदिर में रामानंदी परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना कराई जा रही है। मंदिर व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पुजारियों के लिए कोई विशेष आदेश या सनद जारी नहीं की गई है, बल्कि पूजा-अर्चना की मर्यादा और मंदिर की व्यवस्था से जुड़े नियमों की जानकारी दी गई है। कृष्ण जन्माष्टमी से मंदिर में आरती की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है।
निर्माण समिति की तीन दिवसीय बैठक
इसी बीच श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति की तीन दिवसीय बैठक भी शुरू हो गई है। समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने निर्माणाधीन स्मारक स्तंभ और पुराने अस्थायी मंदिर में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। इसके बाद श्रद्धालु सुविधा केंद्र के सभागार में निर्माण और अन्य परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक की गई।
बैठक में मंदिर और उससे जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति, तकनीकी पहलुओं तथा आगामी कार्यों की समीक्षा की जा रही है। मंदिर परिसर के चारों ओर करीब 4 किलोमीटर लंबी बाहरी सुरक्षा दीवार के निर्माण पर भी चर्चा (Ram Mandir Priest Rules) होने की संभावना है। 15 सितंबर को राम कथा संग्रहालय में होने वाली बैठक में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के पहली बार शामिल होने की संभावना है।
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