सीजी भास्कर, 14 सितंबर। शहर में 100 से ज्यादा जर्जर भवन हादसे को न्योता (Raipur Dilapidated Buildings) दे रहे हैं। तीन दिन पहले सदर बाजार में करीब 100 साल पुराने मकान का हिस्सा सड़क पर गिरने के बाद एक बार फिर इन खतरनाक इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। गनीमत रही कि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।

भाठागांव में सबसे ज्यादा जर्जर भवन Raipur Dilapidated Buildings
नगर निगम की सूची में शहर के 100 से ज्यादा जर्जर भवन दर्ज हैं। जोन-6 भाठागांव में सबसे ज्यादा 36 भवन चिन्हित किए गए हैं। इसके बाद मोतिबाग और महोबा बाजार में 24-24, समता कॉलोनी में 14 और ईदगाहभाठा में 12 जर्जर भवन हैं।
खमतराई में 10, शंकरनगर में 9 और फाफाडीह में 8 भवन भी जर्जर सूची में शामिल हैं।
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भीड़भाड़ वाले इलाकों में ज्यादा खतरा
फूल चौक, हलवाई लाइन, शदाणी चौक और सदर बाजार जैसे इलाकों में कई पुराने भवन मुख्य सड़कों और बाजारों के आसपास हैं। यहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है।
बारिश के दौरान कमजोर दीवार, छज्जे और छत गिरने का खतरा और बढ़ जाता है। निगम ऐसे भवनों के मालिकों को नोटिस देकर मरम्मत, भवन खाली कराने या जरूरत पड़ने पर हटाने के निर्देश देता है।
सदर बाजार हादसे के बाद उठे सवाल
सदर बाजार में जर्जर भवन का हिस्सा गिरने के बाद निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर खतरनाक हिस्सा हटाया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के बाद मलबा हटाना पर्याप्त नहीं है।
लोगों की मांग है कि चिन्हित जर्जर भवनों की समय रहते मरम्मत, खाली कराने या सुरक्षित तरीके से हटाने की कार्रवाई की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।


