सीजी भास्कर, 22 सितंबर : छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव (Chhattisgarh Nagar Nigam Chunav) की आहट के साथ ही सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव की तारीख घोषित होने से पहले ही भाजपा और कांग्रेस ने संभावित प्रत्याशियों को लेकर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। दोनों दलों में टिकट के दावेदारों की लंबी सूची सामने आने के बाद अब चयन को लेकर मंथन का दौर चल रहा है। प्रदेश में चार नगर निगम समेत 15 नगरीय निकायों में चुनाव होना है। इन निकायों का कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। चुनाव को लेकर राज्य शासन के साथ ही राजनीतिक दलों ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य निर्वाचन आयोग स्तर पर वार्ड आरक्षण समेत चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।
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चार नगर निगम समेत 15 निकायों में चुनाव
प्रदेश में बीरगांव, भिलाई, भिलाई-चरौदा और रिसाली नगर निगम के अलावा पांच नगर पालिका परिषद और छह नगर पंचायतों में चुनाव प्रस्तावित हैं। नगर निगम चुनाव (Chhattisgarh Nagar Nigam Chunav) को लेकर फिलहाल तारीख का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन राजनीतिक दलों ने स्थानीय स्तर पर संभावित उम्मीदवारों की तलाश और संगठनात्मक तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्य सरकार भी चुनाव वाले निकायों में विकास कार्यों पर विशेष फोकस कर रही है। निकायों को विकास कार्यों के लिए राशि जारी की जा रही है। स्थानीय स्तर पर लंबित कार्यों को गति देने के साथ सरकारी योजनाओं की समीक्षा भी की जा रही है।
मंत्रियों के दौरे बढ़े, सरकार का बढ़ा फोकस
चुनाव वाले क्षेत्रों में मंत्रियों और सरकार के कार्यक्रम भी लगातार बढ़ रहे हैं। स्थानीय विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की समीक्षा पर जोर दिया जा रहा है। हाल ही में खैरागढ़ में मंत्री लखन लाल देवांगन ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों और गतिविधियों की समीक्षा की। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी नगरीय प्रशासन से जुड़े विषयों पर समीक्षा बैठक कर चुके हैं। सितंबर में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत मुख्यमंत्री और मंत्रियों के विभिन्न जिलों में कार्यक्रम भी तय किए गए हैं। ऐसे में चुनावी क्षेत्रों में सरकार और संगठन की सक्रियता बढ़ने से राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
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भाजपा-कांग्रेस में टिकट के दावेदारों की कतार
टिकट दावेदारों की दौड़ (Chhattisgarh Nagar Nigam Chunav) में भाजपा और कांग्रेस दोनों के स्थानीय नेता सक्रिय हो गए हैं। कांग्रेस ने चार नगर निगम समेत 15 निकायों के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर संगठनात्मक स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। पर्यवेक्षक स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा कर संभावित प्रत्याशियों को लेकर फीडबैक जुटा रहे हैं। भाजपा में भी स्थानीय नेताओं, पूर्व जनप्रतिनिधियों और संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ गई है। पार्टी के स्तर पर मजबूत जनाधार, संगठन में सक्रियता और स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया जा रहा है।
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महिला आरक्षण ने बदला टिकट का समीकरण
वार्डों में हुए महिला आरक्षण ने इस बार कई संभावित दावेदारों का समीकरण बदल दिया है। जिन वार्डों में महिला सीट आरक्षित हुई है, वहां पहले से तैयारी कर रहे पुरुष दावेदार अब अपने परिवार की महिला सदस्य को मैदान में उतारने की रणनीति बना रहे हैं। कई राजनीतिक परिवारों में पत्नी, मां या अन्य महिला सदस्य के नाम पर चुनाव लड़ाने की तैयारी की चर्चा है। ऐसे में आरक्षण के साथ परिवार की राजनीतिक पकड़, स्थानीय प्रभाव और संगठन में सक्रियता टिकट वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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विकास कार्यों के साथ टिकट पर नजर
निकाय चुनाव की तैयारी (Chhattisgarh Nagar Nigam Chunav) के बीच भाजपा और कांग्रेस दोनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती जिताऊ उम्मीदवार चुनने की होगी। एक ओर लंबे समय से पार्टी में सक्रिय नेताओं की दावेदारी है, तो दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर मजबूत जनाधार रखने वाले नए चेहरों को मौका देने की मांग भी उठ सकती है। चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद दोनों दलों में टिकट को लेकर गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। फिलहाल दावेदार अपने-अपने स्तर पर संगठन के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क बढ़ा रहे हैं और स्थानीय समीकरणों को अपने पक्ष में करने की कोशिश में जुटे हैं।
तारीख के ऐलान के साथ बढ़ेगा सियासी पारा
निकाय चुनाव की तारीख (Chhattisgarh Nagar Nigam Chunav) घोषित होते ही टिकट वितरण की प्रक्रिया और तेज होने की उम्मीद है। भाजपा और कांग्रेस दोनों के सामने वार्डवार समीकरण, आरक्षण, स्थानीय लोकप्रियता और संगठनात्मक संतुलन साधने की चुनौती होगी। फिलहाल चुनावी तारीख सामने नहीं आई है, लेकिन जिस तरह सरकार और राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ी है, उससे साफ है कि नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सियासी जमीन तैयार होने लगी है। अब सबसे ज्यादा नजर इस बात पर है कि दोनों प्रमुख दल पुराने चेहरों पर भरोसा जताते हैं या नए दावेदारों को बड़ा मौका देते हैं।
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