सीजी भास्कर, 27 सितंबर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ की पहल (Har Ghar Munga Abhiyan) का उल्लेख हुआ। घर-घर मुनगा लगाने और इसके पोषण संबंधी उपयोग को भोजन से जोड़ने वाले इस अभियान को राष्ट्रीय मंच पर जगह मिली है। स्थानीय संसाधनों के जरिए पोषण जागरूकता बढ़ाने की यह पहल अब प्रदेश के बाहर भी चर्चा में है।

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दिल्ली एयरपोर्ट पर सुना कार्यक्रम
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिल्ली एयरपोर्ट पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के अभियान का उल्लेख उत्साह और प्रेरणा का विषय है। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, माताओं, स्वसहायता समूहों और पोषण अभियान से जुड़े लोगों को अपने प्रयासों को और व्यापक बनाने का प्रोत्साहन मिलेगा।
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12 सितंबर को हुई शुरुआत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 12 सितंबर को ‘हर घर मुनगा’ अभियान की शुरुआत (Har Ghar Munga Abhiyan) की थी। इसका उद्देश्य मुनगा के पौधे घर-घर पहुंचाने के साथ परिवारों को इसके उपयोग के प्रति जागरूक करना है। अभियान में महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों को इसके प्रचार-प्रसार का प्रमुख माध्यम बनाया गया है।
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मुनगा में पोषक तत्व
मुनगा यानी सहजन छत्तीसगढ़ में आसानी से उगाया जाने वाला पौधा है। इसकी पत्तियों और फलियों का उपयोग भोजन में किया जाता है। मुनगा की पत्तियों में आयरन, कैल्शियम और कई विटामिन सहित पोषक तत्व पाए जाते हैं। मुनगा का पोषण उपयोग (Har Ghar Munga Abhiyan) बढ़ाने के लिए पत्तियों को साग और अन्य व्यंजनों में, जबकि फलियों को सब्जी और दाल में शामिल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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थाली में बढ़ेगी विविधता
अभियान के जरिए परिवारों को बताया जा रहा है कि बेहतर पोषण केवल किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर नहीं करता। अलग-अलग पौष्टिक खाद्य पदार्थों को संतुलित मात्रा में भोजन में शामिल करना जरूरी है। पोषण जागरूकता की पहल (Har Ghar Munga Abhiyan) इसी सोच के साथ मुनगा को परिवारों की रोजमर्रा की थाली का हिस्सा बनाने पर जोर देती है।
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आंगनबाड़ी केंद्रों से संदेश
प्रदेश में चल रहे पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर माताओं और समुदाय के साथ संवाद, स्थानीय खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन और संतुलित आहार को लेकर जागरूकता गतिविधियां की जा रही हैं। पोषण से जुड़ा जनअभियान (Har Ghar Munga Abhiyan) इन्हीं गतिविधियों से जुड़कर परिवारों तक पहुंच रहा है। कार्यकर्ता लोगों को मुनगा लगाने, उसकी देखभाल करने और उपलब्ध पत्तियों व फलियों को भोजन में उपयोग करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
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इस पहल में पौधरोपण, पोषण शिक्षा और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़ा गया है। अभियान का संदेश है कि कुपोषण से निपटने के प्रयासों में परिवार और समुदाय की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ की इस पहल का उल्लेख स्थानीय संसाधनों पर आधारित पोषण प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है।
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