सीजी भास्कर, 31 अक्टूबर। बच्चों में मानसिक तनाव के शुरुआती लक्षण पहचानने और उनकी भावनात्मक जरूरतों को समझने के लिए रायपुर में 28 से 30 अक्टूबर तक तीन दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित (Mental Health Training) किया गया। इसमें बस्तर संभाग के सात जिलों और धमतरी के चयनित शिक्षक शामिल हुए।

बच्चों के व्यवहार पर नजर रखने की सीख Mental Health Training
यूनिसेफ और समग्र शिक्षा के संयुक्त प्रशिक्षण में शिक्षकों को बच्चों के व्यवहार और भावनात्मक बदलाव पहचानने के तरीके बताए गए। साथ ही तनावग्रस्त बच्चों को उचित परामर्श और सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई।
यह भी पढ़ें…Cyber Fraud : नारायणपुर में साइबर ठगी के 3 मामलों का खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार
पढ़ाई और करियर का दबाव बना चिंता का कारण
अधिकारियों ने कहा कि पढ़ाई और डॉक्टर-इंजीनियर बनने की अपेक्षाओं से बच्चों पर मानसिक दबाव (Mental Health Training) बढ़ रहा है। बच्चों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार भविष्य चुनने का अवसर देना जरूरी है।
यह भी पढ़ें…Durg Cash Seizure : दुर्ग में 4 करोड़ कैश जब्ती मामला, कारोबारी को कोर्ट से झटका
स्कूल में सुरक्षित माहौल बनाने पर जोर
प्रशिक्षण में बच्चों को स्कूल में सुरक्षित और सम्मानित महसूस कराने के साथ परिवार और समुदाय के सहयोग को जरूरी बताया (Mental Health Training) गया। प्रशिक्षित शिक्षक अब अपने जिलों में अन्य शिक्षकों को भी प्रशिक्षण देंगे।
खबरें और भी हैं…Sachin Pilot : सचिन पायलट ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, बोले निष्पक्षता पर संदेह तो चुनाव का क्या मतलब?


