सीजी भास्कर, अयोध्या, 31 अक्टूबर। रामनगरी अयोध्या में दसवें दीपोत्सव (Ayodhya Deepotsav 2026) को यादगार बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार सरयू तट के 56 घाटों पर करीब 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले साल के मुकाबले इस बार एक घाट बढ़ाया गया है। लाखों दीपों की रोशनी से सरयू तट और राम की पैड़ी को जगमगाने की तैयारी है।
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33 लाख दीयों की व्यवस्था
दीपोत्सव के दौरान दीयों को व्यवस्थित तरीके से सजाने के लिए ब्लॉक आधारित लेआउट तैयार किया जा रहा है। आयोजन में करीब 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य है, लेकिन टूट-फूट की आशंका को देखते हुए 33 लाख दीये मंगवाए गए हैं। इससे आयोजन के दौरान दीयों की कमी न हो और सभी घाटों पर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार दीप सजाए जा सकें। अयोध्या दीपोत्सव की तैयारी (Ayodhya Deepotsav 2026) के तहत घाटों की सजावट और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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35 हजार स्वयंसेवक संभालेंगे जिम्मेदारी
इस भव्य आयोजन में करीब 35 हजार स्वयंसेवक अपनी भूमिका निभाएंगे। इसके लिए 30 डिग्री कॉलेजों, 40 इंटरमीडिएट कॉलेजों और विश्वविद्यालय परिसर के विद्यार्थियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। स्वयंसेवक घाटों पर दीये सजाने, आयोजन के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करेंगे। इतने बड़े स्तर पर आयोजन को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।
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51 हजार दीयों से हुई शुरुआत
अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी। उस समय 51 हजार दीये जलाए गए थे। इसके बाद हर साल आयोजन का दायरा बढ़ता गया और दीयों की संख्या में भी लगातार इजाफा हुआ। धीरे-धीरे यह आयोजन अयोध्या की खास पहचान बन गया। इस बार दसवें दीपोत्सव (Ayodhya Deepotsav 2026) में 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। सरयू तट और राम की पैड़ी पर दीपों की रोशनी से भव्य नजारा देखने को मिलेगा।
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पर्यटन और कारोबार को उम्मीद
दीपोत्सव के भव्य आयोजन से स्थानीय कारीगरों, व्यापारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने से स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है। अयोध्या में दसवें दीपोत्सव (Ayodhya Deepotsav 2026) को लेकर तैयारियां अंतिम रूप लेने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। अब सभी की नजर उस भव्य आयोजन पर है, जब सरयू तट के 56 घाट लाखों दीपों की रोशनी से जगमगाएंगे।
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