सीजी भास्कर, रायपुर, 5 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ में विकास योजनाओं की प्लानिंग और सरकारी फैसलों को अब तकनीक की नई ताकत मिलने जा रही है। राज्य सरकार (Chhattisgarh Geo Portal) के जरिए भौगोलिक आंकड़ों को एक जगह जुटाकर योजनाओं को ज्यादा सटीक बनाने की तैयारी कर रही है। खास बात यह है कि अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैट बॉट की मदद से अधिकारी किसी भी क्षेत्र, स्थान या सरकारी परिसंपत्ति की जानकारी एक क्लिक पर हासिल कर सकेंगे।

छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) की ओर से नवा रायपुर में ‘शासन में भू-स्थानिक तकनीक का उपयोग’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें प्रदेश के विभिन्न विभागों के 200 से अधिक अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यशाला में राज्य स्तरीय जियो-पोर्टल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैट बॉट और डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के जरिए सरकारी योजनाओं को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।
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190 डेटा लेयर्स का एकीकरण
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि चिप्स ने राज्य के लिए 190 से अधिक जीआईएस डेटा लेयर्स को एकीकृत किया है। इन आंकड़ों के आधार पर 35 से अधिक जीआईएस आधारित टूल्स और समाधान विकसित किए गए हैं।
इनकी मदद से विभाग उपलब्ध भौगोलिक आंकड़ों का विश्लेषण कर सकेंगे। साथ ही संसाधनों की वास्तविक स्थिति समझने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाएं तैयार करने में भी आसानी होगी। जियो-पोर्टल के इस्तेमाल के लिए सभी जिलों को यूजर नेम और पासवर्ड जारी किए जा चुके हैं।

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AI चैट बॉट से मिलेगी जानकारी
कार्यशाला में जियो-पोर्टल का नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैट बॉट आकर्षण का केंद्र रहा। इस सुविधा के जरिए उपयोगकर्ता किसी क्षेत्र, स्थान, परिसंपत्ति या स्थल का नाम लिखकर सीधे उसकी भौगोलिक जानकारी हासिल कर सकेंगे। अभी तक किसी स्थान को खोजने के लिए ड्रॉप-डाउन मेन्यू या लंबी सूची में तलाश करना पड़ता था। नई सुविधा में नाम दर्ज करते ही पोर्टल का मानचित्र संबंधित स्थान पर पहुंच जाएगा। इसके साथ ही उस जगह से जुड़ी विस्तृत भौगोलिक जानकारी और जरूरी दिशा-निर्देश भी स्क्रीन पर दिखाई देंगे।
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उद्योग और बैंकिंग को फायदा
चिप्स के सीईओ मयंक अग्रवाल ने बताया कि जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल औद्योगिक विकास से लेकर बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार तक किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन औद्योगिक भूमि के चयन और नियोजन के लिए ‘लैंड पैच एनालिसिस’ का इस्तेमाल कर रहा है। इससे संभावित औद्योगिक भूखंडों की पहचान और उपलब्ध जमीन का डिजिटल विश्लेषण आसान होगा। वहीं, संस्थागत वित्त संचालनालय बैंक कवरेज एनालिसिस के जरिए उन क्षेत्रों की पहचान कर रहा है, जहां बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इससे नई बैंक शाखाओं के लिए उपयुक्त स्थान तय करने में मदद मिलेगी।
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विशेषज्ञों ने साझा की जानकारी
कार्यशाला में ईसरी इंडिया और ऑक्टेव इंडिया के विशेषज्ञों ने जीआईएस तकनीक के नवीनतम अनुप्रयोगों और शासन व्यवस्था में उनके इस्तेमाल पर प्रस्तुतियां दीं। अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने विभागीय जरूरतों के मुताबिक डेटा विश्लेषण और तकनीकी समाधान विकसित करने पर भी चर्चा की। कार्यक्रम में ईसरी इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत जोशी, हेड ईआईसी पीयूष मिश्रा, ऑक्टेव इंडिया के विवेक चौहान और चंचल मुखर्जी सहित चिप्स के संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपम आशीष टोप्पो, परियोजना प्रमुख संदीप टिकरिहा और हरीश सिन्हा मौजूद रहे।
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योजनाओं को मिलेगी नई दिशा
जियो-पोर्टल और डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के विस्तार से सरकारी विभागों को विकास योजनाओं की प्राथमिकता तय करने में मदद मिलेगी। एकीकृत भौगोलिक आंकड़ों के जरिए स्थानीय जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और विकास की संभावनाओं का आकलन किया जा सकेगा। इस पहल का लक्ष्य राज्य और जिला स्तर पर डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करना है। जीआईएस तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का संयुक्त इस्तेमाल सरकारी कामकाज को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने में मददगार हो सकता है।
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