सीजी भास्कर, 22 अगस्त : दुर्ग-भिलाई के लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन को लेकर बड़ी खबर है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना (PM E-Bus Scheme 2026) के तहत शहर में 50 मीडियम इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। बसों के संचालन के लिए संविदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
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रेलवे से मिली अनुमति, दूर हुई बड़ी तकनीकी बाधा
ई-बसों के चार्जिंग स्टेशन तक बिजली पहुंचाने के लिए रेलवे ट्रैक के नीचे से बिजली लाइन क्रॉस करने की अनुमति का इंतजार था। अब रेलवे से यह अनुमति मिल गई है। सीएसपीडीसीएल पहले ही बिजली पोल और तार बिछाने का काम पूरा कर चुका है। अनुमति मिलने के बाद सेवा शुरू करने की प्रमुख तकनीकी बाधा दूर हो गई है।
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दुर्ग-भिलाई के लिए 50 ई-बसें स्वीकृत
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा (PM E-Bus Scheme 2026) के तहत दुर्ग-भिलाई के लिए 50 मीडियम ई-बसें स्वीकृत हैं। छत्तीसगढ़ में रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा को इस योजना में शामिल किया गया है।
ई-बस सेवा शुरू होने से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना शहर में आवागमन करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक बसें किफायती और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
संचालन एजेंसी के लिए जारी हुई संविदा सूचना
शासन से अनुमति मिलने के बाद दुर्ग जिला अर्बन सोसायटी को संविदा सूचना जारी कर दी गई है। इसमें ई-बसों के रूट, संचालन अवधि, चालक-परिचालक की व्यवस्था, बसों के रखरखाव और प्रतिकिलोमीटर भुगतान समेत अन्य शर्तें तय की जाएंगी। नेहरू नगर के आगे ई-बस स्टैंड तैयार हो चुका है। चार्जिंग की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है।
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डिपो हैंडओवर के बाद चरणबद्ध मिलेगी बसें
केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुसार बसों की डिलीवरी डिपो हैंडओवर होने के बाद चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। 100 प्रतिशत बसों की डिलीवरी के लिए टेंटेटिव समय करीब 30 सप्ताह तक बताया गया है।
इसलिए अब योजना की अगली अहम कड़ी डिपो हैंडओवर, संचालन एजेंसी के साथ अनुबंध और बसों की वास्तविक डिलीवरी है।
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कोरबा में भी 40 ई-बसों की तैयारी
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत कोरबा में 40 बसों के संचालन की तैयारी भी चल रही है। दर्री के प्रतीक्षा बस स्टैंड में चार्जिंग सब-स्टेशन और टर्मिनल का काम तेजी से जारी है। स्थानीय निकाय के अनुसार तैयारी करीब 80 प्रतिशत तक पहुंच गई है और 20 मार्गों का रूट चार्ट तैयार किया गया है।




