सीजी भास्कर, 26 अगस्त। केंद्र सरकार ने रायपुर समेत देश के 11 एयरपोर्ट को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। इसके तहत टेंडर और बिडिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बिड में सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी को रायपुर एयरपोर्ट का संचालन 50 साल के लिए सौंपा जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने में करीब दो साल लगने की संभावना है। ऐसे में 2028 के बाद एयरपोर्ट का संचालन निजी कंपनी के हाथों में जा सकता है। (Raipur Airport Privatization)
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निजीकरण के बाद एयरपोर्ट के संचालन और व्यावसायिक गतिविधियों में बदलाव देखने को मिल सकता है। निजी कंपनी विज्ञापन, दुकानों, पार्किंग, एयरलाइंस से जुड़ी सुविधाओं और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से राजस्व अर्जित करेगी। दूसरे निजी एयरपोर्ट के उदाहरणों को देखते हुए पार्किंग और अन्य शुल्क में बढ़ोतरी की संभावना भी जताई जा रही है।
सुरक्षा और एयर ट्रैफिक कंट्रोल सरकारी एजेंसियों के पास रहेगा : Raipur Airport Privatization
एयरपोर्ट का संचालन निजी कंपनी को मिलने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था और एयर ट्रैफिक कंट्रोल उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आएंगे। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया एयर ट्रैफिक कंट्रोल की जिम्मेदारी संभालेगी, जबकि सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह सीआईएसएफ के पास रहेगी। निजी कंपनी का इन व्यवस्थाओं में सीधा हस्तक्षेप नहीं होगा।
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इंटरनेशनल उड़ानों की उम्मीद बढ़ी
निजी कंपनी के हाथों में संचालन जाने के बाद रायपुर एयरपोर्ट के विस्तार और आधुनिकीकरण की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इसके चलते भविष्य में रायपुर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने की उम्मीद भी जताई जा रही है। निजी ऑपरेटर यात्रियों की संख्या और राजस्व बढ़ाने के लिए एयरपोर्ट की सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा नई एयरलाइंस को जोड़ने पर जोर दे सकता है।
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कई बड़ी कंपनियां बिड में ले सकती हैं हिस्सा : Raipur Airport Privatization
रायपुर एयरपोर्ट की मौजूदा सुविधाओं, टर्मिनल बिल्डिंग, रनवे, पार्किंग व्यवस्था और यात्रियों की संख्या को देखते हुए कई बड़ी कंपनियों के बिडिंग प्रक्रिया में शामिल होने की संभावना है। इनमें अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स, जीएमआर एयरपोर्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो और आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी कंपनियों के नाम चर्चा में हैं।
इन 11 एयरपोर्ट को निजी हाथों में देने की तैयारी
सरकार ने एयरपोर्ट को अलग-अलग समूहों में शामिल किया है। पहले समूह में वाराणसी, गया और कुशीनगर, दूसरे समूह में तिरुचिरापल्ली और तिरुपति, तीसरे समूह में अमृतसर और कांगड़ा, चौथे समूह में भुवनेश्वर और हुबली तथा पांचवें समूह में रायपुर और छत्रपति संभाजीनगर एयरपोर्ट शामिल हैं।



