सीजी भास्कर, 4 नवंबर। राज्योत्सव 2026 के अंतिम दिन जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग की प्रदर्शनी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र (Rajyotsav 2026) बनी रही। यहां बंदियों के हाथों तैयार अचार, नमकीन, सरसों तेल और जूट से बने उत्पादों को देखने और खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी।

हुनर और उत्पादों ने खींचा ध्यान Rajyotsav 2026
प्रदर्शनी में ‘आस्था’ ब्रांड के तहत तैयार अचार और नमकीन के साथ दुर्ग में बनाई जा रही लाइट्स की असेंबलिंग का काम भी प्रदर्शित किया गया। हाथकरघा का चलित मॉडल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। इसके जरिए बंदियों को दिए जा रहे व्यावसायिक प्रशिक्षण की जानकारी दी गई।
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कला और प्रशिक्षण की दिखी झलक
बंदियों द्वारा बनाई गई भगवान गणेश और मां दुर्गा की प्रतिमाएं, पेंटिंग और अन्य कलाकृतियां भी प्रदर्शनी (Rajyotsav 2026) में रखी गईं। महिला बंदियों को अचार बनाने और युवा बंदियों को फास्ट फूड तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि रिहाई के बाद वे रोजगार से जुड़ सकें।
गीता के 700 श्लोक याद कर बनाई पहचान
रायपुर केंद्रीय जेल के युवा बंदी वासुदेव चौहान की उपलब्धि भी प्रदर्शित की गई। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के 18 अध्यायों के 700 श्लोक याद किए हैं। प्रदर्शनी के माध्यम से बंदियों की शिक्षा, कला और हुनर को सामने लाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की पहल दिखाई गई।
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