फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ‘लॉन्ग एशिया’ के जरिए देशभर के एक लाख से अधिक निवेशकों से अरबों रुपए की ठगी किए जाने का आरोप सामने आया है। इस मामले में 10 राज्यों से आए 100 से अधिक निवेशकों ने डोंगरगढ़ पहुंचकर आरोपी कुलजीत सिंह भाटिया के घर का घेराव किया और बाद में थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की।
निवेशकों का आरोप है कि कुलजीत सिंह भाटिया और उसके साथियों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों से ऑनलाइन निवेश कराया। शुरुआत में निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया गया, लेकिन फरवरी 2026 से तकनीकी समस्या का हवाला देकर विथड्रॉल बंद कर दिया गया। इसके बाद निवेशकों का पैसा फंस गया और उनसे संपर्क भी सीमित कर दिया गया।
निवेशकों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क के तार डोंगरगढ़ से जुड़े हैं। नागपुर के निवेशक रविशंकर बाघ ने आरोप लगाया कि कुलजीत सिंह भाटिया, जोगेंद्र वर्मा, अभय कुनले समेत अन्य लोगों ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों से निवेश कराया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एक अन्य पीड़ित कुटरजन मिर्जी ने बताया कि उन्होंने करीब साढ़े आठ लाख रुपए निवेश किए, लेकिन एक बार भी राशि निकाल नहीं सके। उनका कहना है कि वे अपने परिचितों के माध्यम से इस ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े थे।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से कुछ समय के लिए जाम जैसी स्थिति बन गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर हालात सामान्य कराए। एसडीओपी केसरी नंदन नायक ने बताया कि बाहरी राज्यों से आए निवेशकों ने लिखित शिकायत सौंपी है, जिसके आधार पर जांच की जा रही है।
वहीं थाना प्रभारी भूषण चंद्राकर ने कहा कि ऑनलाइन ठगी की जानकारी पुलिस को दी गई है। संबंधित क्षेत्र में दर्ज शिकायतों के आधार पर आवश्यक होने पर डोंगरगढ़ पुलिस भी जांच में सहयोग करेगी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ‘लॉन्ग एशिया’ खुद को ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बताता है, लेकिन भारत में इसके आरबीआई या सेबी से अधिकृत होने का कोई सार्वजनिक प्रमाण नहीं मिला है। वहीं न्यूज़ीलैंड की वित्तीय नियामक संस्था एफएमए इससे जुड़े कुछ डोमेन को लेकर पहले ही चेतावनी जारी कर चुकी है। फिलहाल पूरे मामले की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।



