सीजी भास्कर, 28 जुलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले AI इंजीनियर श्रेष्ठ मलिक की मौत का मामला अब नया मोड़ ले रहा है। गुरुग्राम में महिला सहकर्मी इशाका की हत्या और उसके बाद रेलवे ट्रैक पर श्रेष्ठ का शव मिलने के मामले में पिता दीपक मलिक ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले ही बेटे को हत्यारा बता दिया गया। (Gurugram Double Death Case)
- युवती ने दो दिन पहले ही खाली किया था कमरा : Gurugram Double Death Case
- पिता बोले- सहकर्मियों से मिलने तक नहीं दिया
- परिवार को अब तक नहीं मिली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट : Gurugram Double Death Case
- NIT रायपुर से इंजीनियरिंग, AI इंजीनियर के तौर पर पहली नौकरी
- जानिए क्या है पूरा मामला? : Gurugram Double Death Case
श्रेष्ठ के पिता दीपका मलिक का कहना है कि अभी कई सवालों के जवाब मिलना बाकी हैं, फिर भी एकतरफा कहानी पेश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा ऐसा नहीं था। पूरी जांच होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं है।
यह भी पढ़ें :Bhilai AI Engineer Death : गुरुग्राम में संदिग्ध मौत, युवती की हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका
दीपक मलिक का आरोप है कि बेटे की मौत के बाद जब वे गुरुग्राम पहुंचे, तो उन्हें कंपनी के अंदर तक नहीं जाने दिया गया। वे श्रेष्ठ के साथ काम करने वाले किसी सहकर्मी या टीम के सदस्य से भी बात नहीं कर सके। उन्होंने श्रेष्ठ और महिला सहकर्मी के बीच लव अफेयर या लिव-इन रिलेशनशिप की चर्चाओं को भी गलत बताया।
इधर, करीब दो हफ्ते पहले हुई इस घटना की जांच अभी जारी है। पुलिस कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल और लैपटॉप की जांच कर रही है। परिवार का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी एक कहानी पर भरोसा करना जल्दबाजी होगी।
युवती ने दो दिन पहले ही खाली किया था कमरा : Gurugram Double Death Case
पिता ने कहा कि जिस युवती की हत्या की बात कही जा रही है, उसने घटना से दो दिन पहले ही अपना कमरा खाली कर दिया था। अगर उसे कमरा छोड़ना पड़ा था, तो वह किसी महिला मित्र के यहां, होटल में या अपने घर भी जा सकती थी। फिर वह सीधे श्रेष्ठ के कमरे में ही क्यों पहुंची?
उन्होंने कहा कि घटना से पहले के 12 से 14 घंटे में क्या हुआ, इसकी पूरी कड़ी समझना बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक, इसी से इस मामले की सच्चाई सामने आएगी। दोनों के प्रेम संबंध और लिव-इन रिलेशनशिप में रहने की बातें भी सामने आईं। हालांकि पिता ने इन दावों को स्वीकार करने से इनकार किया।
यह भी पढ़ें :Mother Son Death News : बेटे की मौत से मां को लगा सदमा, कुछ देर बाद ही हो गई मौत… एक साथ उठी अर्थी

पिता बोले- सहकर्मियों से मिलने तक नहीं दिया
दीपक मलिक ने कहा कि बेटे की मौत की जानकारी मिलने के बाद वह गुरुग्राम पहुंचे थे, लेकिन उन्हें कंपनी परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इसके बाद वह कंपनी के गेट के बाहर ही बैठ गए। उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से केवल लीगल डिपार्टमेंट का एक प्रतिनिधि और सिक्योरिटी इंचार्ज उनसे मिलने आए।
हालांकि उन्हें बेटे के किसी भी सहकर्मी से बात करने की अनुमति नहीं दी गई। दीपक मलिक का कहना है कि अगर उन्हें सहकर्मियों से बात करने का मौका मिलता, तो जांच में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती थीं।
यह भी पढ़ें :Bilaspur Suicide Case : प्रताड़ना से इंजीनियर ने की आत्महत्या, नोयडा की युवती पर जुर्म दर्ज
परिवार को अब तक नहीं मिली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट : Gurugram Double Death Case
पिता ने कहा कि हमें अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी नहीं मिली है। पुलिस ने जो सामान जब्त किया है, उसे कब लौटाया जाएगा, इसकी भी कोई जानकारी नहीं दी गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, मोबाइल और लैपटॉप की जांच से कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिल सकते हैं।
उनका कहना है कि वह किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन चाहते हैं कि पुलिस जांच को किसी एक थ्योरी तक सीमित न रखे। अगर मोबाइल, लैपटॉप, कॉल रिकॉर्ड या अन्य डिजिटल सबूतों से कोई नई जानकारी सामने आती है, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर तीसरे व्यक्ति की संभावित भूमिका या किसी अन्य एंगल से भी मामले की पड़ताल की जाए। उनकी मांग है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी को दोषी माना जाए।
यह भी पढ़ें :Big Break : आत्महत्या करने जा रही युवती की मेटा AI ने बचा ली जान
NIT रायपुर से इंजीनियरिंग, AI इंजीनियर के तौर पर पहली नौकरी
श्रेष्ठ मलिक ने NIT रायपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। इंटर्नशिप पूरी करने के बाद उन्होंने पिछले साल जुलाई में गुरुग्राम स्थित Optum Global Solutions में AI इंजीनियर के रूप में अपनी पहली नौकरी शुरू की थी। कुछ ही दिनों में उनकी नौकरी का एक साल पूरा होने वाला था।
पिता दीपक मलिक ने बताया कि श्रेष्ठ पढ़ाई में काफी अच्छा था और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहता था। उनके मुताबिक, वह अपने काम और करियर को लेकर हमेशा गंभीर रहता था।
यह भी पढ़ें :AI Blackmail Case : फर्जी फोटो बनाकर ब्लैकमेलिंग, महिला से ₹5 लाख मांगने वाला गिरफ्तार
जानिए क्या है पूरा मामला? : Gurugram Double Death Case
भिलाई के जामुल निवासी 25 साल का श्रेष्ठ मलिक और उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली इशाका गुरुग्राम स्थित Optum Global Solutions में साथ काम करते थे। गुरुग्राम पुलिस के अनुसार, दोनों एक-दूसरे को जानते थे। घटना से कुछ दिन पहले इशाका श्रेष्ठ के पीजी में रहने आई थी।
12 जुलाई को इशाका के रिश्तेदारों ने पुलिस को सूचना दी कि वह फोन नहीं उठा रही है। इसके बाद पुलिस सेक्टर-55 स्थित पीजी पहुंची, जहां कमरे के अंदर इशाका का शव मिला। शुरुआती जांच में चाकू से कई वार कर हत्या किए जाने की बात सामने आई।
यह भी पढ़ें : Durg Murder Case : महिला की हत्या का खुलासा, लालच देकर ले गए थे सुनसान जगह, 2 गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उसी कमरे में श्रेष्ठ मलिक भी रहता था। उसकी तलाश शुरू की गई तो जानकारी मिली कि एक दिन पहले गुरुग्राम रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटे एक युवक का शव मिला था। मोबाइल की पहचान के आधार पर उसकी पहचान श्रेष्ठ मलिक के रूप में हुई।
पुलिस फिलहाल शुरुआती जांच के आधार पर हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका जता रही है। वहीं, श्रेष्ठ का परिवार इस निष्कर्ष से सहमत नहीं है। परिवार का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल सबूत सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
यह भी पढ़ें :Raigarh Murder Case : दोस्त ने सिलबट्टे से की हत्या, पुलिस डॉग रूबी ने सुलझाया केस



