सीजी भास्कर, 30 जुलाई। छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस ने नौकरी और कमीशन का लालच देकर खुलवाए गए म्यूल बैंक खातों के जरिए संचालित साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सात महीनों में 1242 म्यूल बैंक खातों की पहचान की गई है। इस कार्रवाई के दौरान करीब 3 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए हैं और 122 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।(Cyber Fraud Network)
गिरफ्तार आरोपियों में 117 खाताधारक और 5 एजेंट शामिल हैं। वहीं, 2000 से अधिक संदिग्ध बैंक खातों की जांच अभी भी जारी है।
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ऐसे होती थी साइबर ठगी : Cyber Fraud Network
जांच में सामने आया कि डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश, शेयर ट्रेडिंग, ऑनलाइन गेमिंग, ऑनलाइन सट्टा और कस्टमर केयर फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों से ठगी गई रकम सबसे पहले म्यूल बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। इसके बाद कुछ ही मिनटों में रकम को अलग-अलग खातों में छोटे-छोटे हिस्सों में ट्रांसफर कर दिया जाता था, ताकि असली आरोपियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाए। अंत में एटीएम, यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग, ई-वॉलेट और कैश निकासी के जरिए रकम मुख्य आरोपियों तक पहुंचाई जाती थी।
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नौकरी और कमीशन का लालच देकर फंसाते थे लोग
पुलिस के अनुसार, गिरोह बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को नौकरी, आसान कमाई और कमीशन का झांसा देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल करता था। कई मामलों में नए खाते खुलवाकर एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल नंबर और इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी भी अपराधियों को सौंप दी जाती थी। कुछ खाताधारक कमीशन लेकर लेन-देन में शामिल रहते थे, जबकि कई खातों का संचालन पूरी तरह गिरोह करता था।
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देशभर से जुटाए गए डिजिटल सबूत : Cyber Fraud Network
1 जनवरी से 29 जुलाई 2026 के बीच चलाए गए विशेष अभियान में 18 मामले दर्ज किए गए। कार्रवाई I4C, NCRP, पुलिस मुख्यालय की साइबर तकनीकी टीम, विभिन्न राज्यों से मिली शिकायतों और बैंकों से प्राप्त जानकारी के आधार पर की गई। जांच के दौरान बैंक ट्रांजेक्शन, केवाईसी दस्तावेज, मोबाइल नंबर, इंटरनेट बैंकिंग लॉग और यूपीआई रिकॉर्ड की पड़ताल की गई।
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बैंक अधिकारी भी जांच के घेरे में
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि खाते खोलने, केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने और संदिग्ध लेन-देन की निगरानी में किसी बैंक अधिकारी या प्रबंधक की लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं रही। यदि किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। पूरे मनी ट्रेल की जांच जारी है और 2000 से अधिक संदिग्ध खातों पर भी चरणबद्ध कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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