सीजी भास्कर, 08 अगस्त। नई दिल्ली, महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक को लेकर संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी बहस शुरू हो गई है। रिजिजू ने कांग्रेस पर अपनी गलतियों और कमियों को स्वीकार नहीं करने का आरोप लगाया, वहीं राहुल गांधी ने महिला आरक्षण विधेयक को अब तक लागू नहीं किए जाने पर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। (Women Reservation Political Row)
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किरण रिजिजू ने X पोस्ट के जरिए कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना : Women Reservation Political Row
शनिवार को रिजिजू ने X पर एक पोस्ट के जरिए कांग्रेस के मौजूदा नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके दौर की नीतियों और फैसलों से सहमत नहीं होने के बावजूद उन्होंने अपने कदमों को खुले तौर पर स्वीकार किया था। इसी संदर्भ में उन्होंने एक पुराना वीडियो भी साझा किया।
रिजिजू ने कहा कि मौजूदा कांग्रेस नेतृत्व को अपनी गलतियों और कमियों का एहसास तक नहीं है। उनके मुताबिक, पुराने दौर के नेताओं और आज की कांग्रेस के रवैये में अंतर नजर आता है। साझा किए गए वीडियो में इंदिरा गांधी आपातकाल के दौरान विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी को सही ठहराती हुई दिखाई देती हैं और उन पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाती हैं।
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राहुल गांधी ने बिना शर्त महिला आरक्षण लागू करने की मांग की थी
रिजिजू की यह टिप्पणी राहुल गांधी के उस बयान के बाद सामने आई, जिसमें उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को बिना किसी शर्त के लागू करने की मांग की थी। राहुल गांधी ने महिला आरक्षण कानून को परिसीमन की प्रक्रिया से जोड़ने के केंद्र के फैसले पर सवाल उठाया।
राहुल गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 पहले ही संसद से पारित हो चुका है और इसे पारित कराने में विपक्ष ने भी समर्थन दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कानून पहले ही पारित हो चुका है, तो इसे लागू करने में देरी क्यों की जा रही है।
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नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लेकर आमने-सामने सरकार और विपक्ष
उन्होंने संसदीय मामलों के मंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने के लिए किसी नई सहमति या अतिरिक्त शर्त की जरूरत नहीं होनी चाहिए। राहुल गांधी ने मांग की कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को बिना किसी शर्त के लागू किया जाए।
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सोशल मीडिया पर बयानबाजी ने बढ़ाई राजनीतिक बहस : Women Reservation Political Row
महिला आरक्षण और परिसीमन का मुद्दा अब राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। एक ओर सरकार की ओर से परिसीमन से जुड़े पहलुओं को लेकर तर्क दिए जा रहे हैं, वहीं विपक्ष तत्काल महिला आरक्षण लागू करने की मांग कर रहा है। सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी ने इस मुद्दे को और राजनीतिक रूप दे दिया है।
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