सीजी भास्कर, 10 अगस्त : बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में अब शिक्षा (Bastar Education News) व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। करीब दो दशक पहले सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर में नक्सलियों ने 123 स्कूलों को बम से उड़ा दिया था या आग के हवाले कर दिया था। स्कूल बंद होने से हजारों बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई थी। अब सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के बाद इन इलाकों में दोबारा स्कूल शुरू किए जा रहे हैं।
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वर्ष 2024 में 41 बंद स्कूलों को फिर से शुरू किया गया था, जहां 532 बच्चों ने दाखिला लिया। इसके बाद 2026 में 52 और लंबे समय से बंद स्कूलों (Bastar Education News) में पढ़ाई शुरू हुई। इनमें एक हजार से अधिक बच्चों के प्रवेश की जानकारी सामने आई है।
शिक्षा विभाग ने अब बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 80 नए स्कूल खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इन इलाकों में शिक्षा सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद है।
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चार जिलों में खुलेंगे 80 नए स्कूल
प्रस्ताव के अनुसार बीजापुर में 35, सुकमा में 19, नारायणपुर में 25 और दंतेवाड़ा में एक नया स्कूल (Bastar Education News) खोला जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद संबंधित योजना के तहत इन स्कूलों का निर्माण कराया जाएगा। हाल के दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्कूलों की मांग बढ़ी है। सुकमा में प्रशासनिक अधिकारियों के दौरे के दौरान ग्रामीणों ने अपने गांवों में स्कूल खोलने की मांग रखी थी। इससे साफ है कि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की जरूरत को लेकर भी आवाज तेज हो रही है।
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स्कूल बंद होने से प्रभावित हुई थी बच्चों की पढ़ाई
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्कूलों को सरकारी व्यवस्था और प्रशासन की मौजूदगी के प्रतीक के तौर पर देखा जाता था। इसी वजह से कई स्कूल भवनों को निशाना बनाया गया। स्कूल बंद होने के बाद बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता था।
सुरक्षा और आवागमन की चुनौतियों के कारण कई बच्चे शिक्षा से दूर हो गए। कुछ परिवारों ने बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए छात्रावासों में भेजना शुरू किया। लंबे समय तक स्कूलों के बंद रहने का असर ग्रामीण इलाकों की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ा।
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दोबारा खुल रहे स्कूल, मजबूत हो रहा शिक्षा नेटवर्क
अब स्कूलों के दोबारा खुलने से ग्रामीण इलाकों में शिक्षा का नेटवर्क मजबूत होने की उम्मीद है। 2024 और 2026 में बंद स्कूलों को दोबारा शुरू करने के बाद अब नए स्कूल खोलने की तैयारी की जा रही है।
लंबे समय बाद इन्हीं क्षेत्रों में नए स्कूल खोलने का प्रस्ताव यह संकेत दे रहा है कि प्रभावित गांवों में सामान्य जीवन और सरकारी सुविधाओं की पहुंच बढ़ रही है। शिक्षा व्यवस्था की वापसी को बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव के महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।



