सीजी भास्कर, 14 अगस्त। दुर्ग में जमीन विवाद से जुड़ा एक मामला अब पुलिस कार्रवाई को लेकर भी चर्चा (Land Dispute) में है। रिद्धि-सिद्धि बिल्डर्स की जमीन और पार्टनरशिप से जुड़े विवाद में कोर्ट के आदेश के बाद भाजपा नेता कांतिलाल बोथरा समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। FIR दर्ज हुए 10 दिन बीतने के बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
मामला कसारीडीह-गंजपारा नाला के पास स्थित करीब 2.98 एकड़ जमीन से जुड़ा है। शिकायतकर्ता रूपेश जैन का दावा है कि वह रिद्धि-सिद्धि बिल्डर्स के पार्टनर हैं और फर्म की जमीन व संपत्तियों से जुड़े कई फैसले उनकी जानकारी के बिना किए गए। इसके बाद जमीन के बड़े हिस्से को अलग-अलग लोगों के नाम किए जाने का आरोप लगाया गया है।
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2018 में 85 फीसदी जमीन बांटने का आरोप
शिकायत के अनुसार, साल 2009 में रिद्धि-सिद्धि बिल्डर्स के नाम से पार्टनरशिप फर्म बनाई गई थी। इसमें रूपेश जैन के साथ सजल जैन, विश्वास गुप्ता, मनीष शर्मा और अमृता खंडेलवाल पार्टनर थे।
रूपेश जैन ने आरोप लगाया है कि बाद में फर्म की करीब 85 फीसदी जमीन को अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इन हिस्सों को आरोपियों और उनके परिवार से जुड़े लोगों के नाम किए जाने की बात सामने आई है।
शिकायत में कुछ दस्तावेजों पर अपने हस्ताक्षर नहीं होने का दावा भी रूपेश जैन ने किया है। इसी आधार पर उन्होंने दस्तावेजों की वैधता और जमीन के कथित बंटवारे को लेकर सवाल उठाए हैं।
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जमीन के दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस Land Dispute
मामले में जमीन के तहसील रिकॉर्ड, कथित बंटवारे से जुड़े दस्तावेज और कॉलोनाइजर लाइसेंस को लेकर भी शिकायत की गई है। इसके अलावा रेलवे अधिग्रहण और संभावित मुआवजे से जुड़े आरोप भी शिकायत में शामिल किए गए हैं।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करेगी।
इसी फर्म से जुड़े फ्लैट बुकिंग के मामले का भी शिकायत में उल्लेख किया गया है। इसमें रकम लेने के बावजूद फ्लैट उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया गया है। पुलिस अब इन सभी बिंदुओं को जांच के दायरे में लेकर आगे बढ़ रही है।
कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई FIR
शिकायतकर्ता ने मामले को लेकर न्यायालय का रुख किया था। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, दुर्ग की अदालत के आदेश पर 3 अगस्त को दुर्ग कोतवाली थाने में FIR दर्ज की गई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है। FIR में भाजपा नेता कांतिलाल बोथरा के अलावा सजल जैन, विश्वास गुप्ता, मनीष शर्मा और अमृता खंडेलवाल को नामजद किया गया है।
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10 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं
शिकायतकर्ता का कहना है कि 13 अगस्त तक FIR दर्ज हुए करीब 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी को लेकर उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की गति पर सवाल उठाए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामला जमीन और बड़ी संपत्ति से जुड़ा होने के बावजूद गिरफ्तारी को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले में लगाए गए आरोपों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जमीन के बंटवारे, दस्तावेजों और अन्य आरोपों में कितनी सच्चाई है। आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।
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