सीजी भास्कर, 17 अगस्त : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पंचायत प्रतिनिधियों से RTI आवेदन के नाम पर रुपए मांगने (RTI Recovery Case) और दबाव बनाने का मामला सामने आया है। बालोद ब्लॉक सरपंच संघ ने कोतवाली थाने में शिकायत देकर FIR दर्ज करने और पूरे मामले की जांच की मांग की है। संघ का आरोप है कि कुछ लोग खुद को पत्रकार बताकर पंच और सरपंचों के खिलाफ RTI आवेदन लगाते हैं और बाद में उनसे रुपए की मांग करते हैं।
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RTI आवेदन के बाद रुपए मांगने का आरोप
सरपंच संघ के मुताबिक, कुछ लोग पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ RTI आवेदन लगाते हैं। इसके बाद संबंधित जनप्रतिनिधियों से रुपए (RTI Recovery Case) मांगे जाते हैं। आरोप है कि रुपए नहीं देने पर वीडियो प्रसारित करने और बदनाम करने की धमकी दी जाती है। संघ ने पुलिस से वीडियो, बातचीत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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सोशल मीडिया वीडियो के बाद बढ़ा विवाद
मामले से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ी। झलमला के पंच आदित्य दुबे ने भी पुलिस से शिकायत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सरपंच संघ का कहना है कि RTI कानून का उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। यदि कोई व्यक्ति RTI (RTI Recovery Case) का इस्तेमाल किसी पर दबाव बनाने या रुपए मांगने के लिए करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
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पत्रकार बनकर पैसे मांगने का आरोप
ब्लॉक सरपंच संघ अध्यक्ष कृष्णा राम साहू ने आरोप लगाया कि जिले में कुछ लोग सोशल मीडिया या यूट्यूब पर न्यूज से जुड़े पोर्टल बनाकर खुद को पत्रकार बताते हैं। इसके बाद पंचायतों में रुपए मांगने का आरोप है। उनका कहना है कि रुपए नहीं देने पर संबंधित पंचायत या जनप्रतिनिधियों के खिलाफ खबरें चलाने का दबाव बनाया जाता है। संघ ने सरकार से पत्रकारिता के क्षेत्र में स्पष्ट मापदंड तय करने की मांग भी की है।
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पत्रकारिता के लिए मापदंड तय करने की मांग
तरौद के सरपंच धर्मेंद्र रामटेके ने कहा कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए उसके मूल सिद्धांतों का पालन जरूरी है। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में शैक्षणिक योग्यता और अन्य आवश्यक मापदंड निर्धारित करने की मांग की। झलमला के पंच आदित्य दुबे ने आरोप लगाया कि कुछ लोग किसी अखबार या टीवी चैनल से जुड़े नहीं होने के बावजूद सोशल मीडिया पोर्टल बनाकर पत्रकार होने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की।
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RTI कार्यकर्ता ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
मामले में नाम सामने आने के बाद RTI कार्यकर्ता और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रितेश कुमार ने सोशल मीडिया के जरिए अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है। इस मामले में दोनों पक्षों के आरोप और दावे सामने आए हैं। आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
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पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
बालोद कोतवाली थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि सरपंच संघ की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस वीडियो, बातचीत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
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