सीजी भास्कर, 18 अगस्त : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल कंपनियों ( AI Cost ) में तेजी से बढ़ रहा है। दफ्तरों में कर्मचारियों के रोजमर्रा के काम को आसान और तेज बनाने के लिए कंपनियां अलग-अलग AI टूल्स पर खर्च कर रही हैं। हालांकि, AI से समय बचाने और उत्पादकता बढ़ाने की उम्मीद के बीच कंपनियों की लागत भी तेजी से बढ़ रही है। नई रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की टॉप एक फीसदी कंपनियां अपने एक कर्मचारी पर AI टूल्स के लिए करीब 7 लाख रुपये तक खर्च कर रही हैं।
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हर कर्मचारी पर 7 लाख रुपये तक खर्च
रैंप (Ramp) के AI इंडेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की शीर्ष एक फीसदी कंपनियां AI पर सबसे ज्यादा खर्च कर रही हैं। पिछले महीने तक इन कंपनियों का AI खर्च प्रति कर्मचारी औसतन 7,400 डॉलर यानी करीब 7 लाख रुपये पहुंच गया था।
इस आंकड़े ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि कुछ ही महीनों में AI पर होने वाला खर्च तेजी से बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी में शीर्ष एक फीसदी कंपनियां प्रति कर्मचारी करीब 2,590 डॉलर यानी लगभग 2.47 लाख रुपये खर्च कर रही थीं। कुछ ही महीनों में यह खर्च करीब तीन गुना हो गया।
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AI का खर्च कंपनियों में एक जैसा नहीं
AI पर होने वाला खर्च सभी कंपनियों में एक जैसा नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, टॉप एक फीसदी कंपनियों का प्रति कर्मचारी खर्च जहां करीब 7,400 डॉलर है, वहीं टॉप 10 फीसदी कंपनियां औसतन 650 डॉलर यानी करीब 62 हजार रुपये प्रति कर्मचारी खर्च कर रही हैं।
इससे पता चलता है कि AI को बड़े स्तर पर अपनाने वाली कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए AI टूल्स पर काफी ज्यादा बजट लगा रही हैं। वहीं, बाकी कंपनियों में यह खर्च तुलनात्मक रूप से काफी कम है।
सभी कंपनियों का औसत खर्च सिर्फ 1,140 रुपये
रिपोर्ट में सभी कंपनियों को मिलाकर देखा जाए तो AI पर प्रति कर्मचारी औसत खर्च काफी कम है। यह आंकड़ा करीब 11.95 डॉलर यानी लगभग 1,140 रुपये प्रति कर्मचारी बताया गया है।
इस तरह AI (AI Cost) पर होने वाला खर्च कंपनियों के आकार, उनके AI इस्तेमाल और टूल्स को अपनाने के स्तर के हिसाब से काफी अलग-अलग नजर आता है। शीर्ष कंपनियां जहां AI पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं, वहीं व्यापक स्तर पर औसत खर्च अभी काफी कम है।
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AI से बचत की उम्मीद, लेकिन खर्च भी बढ़ा
कंपनियां AI को समय बचाने, काम को ऑटोमेट करने और कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए अपना रही हैं। लेकिन इसके लिए इस्तेमाल किए जाने वाले AI टूल्स और सेवाओं पर बढ़ता खर्च कंपनियों के लिए नई लागत भी पैदा कर रहा है।
रिपोर्ट के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ कंपनियों का AI बजट भी तेजी से बढ़ रहा है। आने वाले समय में कंपनियों के लिए चुनौती यह होगी कि AI पर होने वाले खर्च के मुकाबले उससे मिलने वाला फायदा कितना बड़ा साबित होता है।
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AI की बढ़ती लागत पर नजर
AI को लेकर कंपनियों की रणनीति अब केवल तकनीक अपनाने तक सीमित नहीं रह गई है। AI टूल्स पर होने वाला खर्च भी कारोबार की लागत का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। खासकर बड़ी कंपनियों में प्रति कर्मचारी हजारों डॉलर का खर्च इस बदलाव को दिखाता है।
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