सीजी भास्कर, 21 अगस्त : मनेन्द्रगढ़ विकासखंड के ग्राम ताराबहरा निवासी अरविंद सिंह ने मछली पालन (Fish Farming) को व्यवसाय बनाकर सफलता की मिसाल पेश की है। वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन, मछली बीज उत्पादन और हैचरी संचालन के साथ उन्होंने सूकर एवं कुक्कुट पालन को भी जोड़ा है। इन गतिविधियों से उन्हें सालाना 8 लाख रुपये से अधिक की आय हो रही है और 15 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है।
मछली पालन को बनाया मुख्य व्यवसाय Fish Farming
अरविंद सिंह बताते हैं कि पहले उनकी आय कृषि पर निर्भर थी, लेकिन अपेक्षित आमदनी नहीं होने के बाद उन्होंने मछली पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाया। धीरे-धीरे उन्होंने अपने फार्म को व्यवस्थित करते हुए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया।
आज उनके फार्म पर 5-6 नर्सरी तालाब, 2 ब्रुडर तालाब और स्टॉकिंग तालाब संचालित हैं। नर्सरी तालाबों में मछली बीजों का प्रारंभिक पालन, ब्रुडर तालाबों में प्रजनन योग्य मछलियों का रखरखाव और स्टॉकिंग तालाबों में मछलियों का पालन किया जाता है।

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हैचरी से तैयार करते हैं मछली बीज
अरविंद सिंह के फार्म पर खुद की मत्स्य हैचरी भी है। यहां इंडियन मेजर कार्प यानी IMC, एक्सोटिक कार्प सहित विभिन्न प्रजातियों के मछली बीज तैयार किए जाते हैं। पंगासीयस मछली के स्पिनिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।
उन्होंने कतला मछली में क्रॉस ब्रीडिंग का प्रयास भी किया है। मछलियों की बेहतर वृद्धि के लिए पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच और स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
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मत्स्य विभाग की मदद से बढ़ा कारोबार
अरविंद सिंह वर्ष 2022 से मत्स्य विभाग की योजनाओं और तकनीकी मार्गदर्शन का लाभ ले रहे हैं। विभाग की ओर से उन्हें मछली पालन, बीज उत्पादन, हैचरी संचालन, स्पॉनिंग और तालाब प्रबंधन से जुड़ी तकनीकी जानकारी मिलती रही है।
उन्हें जाल वितरण योजना सहित अन्य विभागीय योजनाओं का भी लाभ मिला। सरकारी सहयोग और तकनीकी जानकारी के जरिए उन्होंने मछली पालन (Fish Farming) को व्यवस्थित और लाभदायक व्यवसाय का रूप दिया।
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सालाना 8 लाख से ज्यादा की कमाई
अरविंद सिंह ने मछली पालन के साथ सूकर और कुक्कुट पालन को भी जोड़ा है। इससे फार्म पर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो रहा है और आय के कई स्रोत तैयार हुए हैं।
वर्तमान में फार्म की अलग-अलग गतिविधियों से उन्हें सालाना 8 लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त हो रही है। यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्र में मछली पालन को रोजगार और आय का मजबूत साधन बनाने की संभावना दिखाता है।
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15 से ज्यादा लोगों को रोजगार
अरविंद सिंह की सफलता का लाभ सिर्फ उनके परिवार तक सीमित नहीं है। फार्म की विभिन्न गतिविधियों से 15 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है।
स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ग्रामीण युवाओं और किसानों में भी मछली पालन आधारित व्यवसाय को लेकर रुचि बढ़ रही है।
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अब फार्म के विस्तार की तैयारी
मछली पालन से आर्थिक स्थिति मजबूत होने के बाद अरविंद सिंह अब अपने फार्म का विस्तार करने की तैयारी कर रहे हैं। उनका लक्ष्य मछली बीज उत्पादन बढ़ाने, मछली उत्पादन को विस्तार देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने का है।
अरविंद सिंह का कहना है कि आधुनिक तकनीक, सही प्रबंधन और विभागीय मार्गदर्शन के साथ मछली पालन (Fish Farming) को लाभदायक व्यवसाय बनाया जा सकता है। उनका फार्म आज वैज्ञानिक मछली पालन, आय वृद्धि और ग्रामीण रोजगार का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया है।
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