सीजी भास्कर, 22 अगस्त : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष द्वितीय सेमेस्टर की कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र (Exam Paper Leak) लीक होने के मामले में रायपुर पुलिस ने 36 घंटे के भीतर छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें दुर्ग के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज का प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया भी शामिल है। पुलिस के अनुसार योगेश इस पूरे मामले का मुख्य आरोपित और मास्टरमाइंड है।
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11 हजार रुपये में छात्रों को बेचा पेपर Exam Paper Leak
पुलिस के मुताबिक योगेश ने प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर उसकी सामग्री तैयार की और अपने कॉलेज के छात्रों को 11 हजार रुपये में बेच दिया। इसके बाद प्रश्नपत्र कई छात्रों तक पहुंचा और परीक्षा शुरू होने से पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
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परीक्षा से पहले वायरल हुआ था प्रश्नपत्र
20 अगस्त को सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक आईजीकेवी के अधीन सभी 28 कृषि महाविद्यालयों में एजीसीएच-221 कीटशास्त्र विषय की परीक्षा होनी थी। परीक्षा शुरू होने से पहले सुबह करीब 8:41 बजे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कवर्धा के ई-मेल पर प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना मिली। करीब 8:54 बजे संबंधित अधिकारियों को भी इसकी जानकारी मिल गई।
छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने वाट्सऐप के माध्यम से प्रश्नपत्र के कुछ प्रश्नों का कंटेंट वायरल होने की जानकारी विश्वविद्यालय को दी। जांच में प्रश्नपत्र के सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं स्नातक परीक्षा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. एनआर रंगारे की रिपोर्ट पर तेलीबांधा थाने में अपराध दर्ज किया गया।
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100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने संभाली जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। जांच में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को लगाया गया। टीमों को रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम, बिलासपुर और आसपास के जिलों में भेजा गया।
पुलिस ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की। साइबर विंग ने वायरल प्रश्नपत्र, स्क्रीनशॉट, फोटो, मैसेज और सोशल मीडिया पोस्ट का तकनीकी विश्लेषण किया। प्रश्नपत्र सबसे पहले किस मोबाइल नंबर, अकाउंट या डिजिटल माध्यम से प्रसारित हुआ, इसकी भी जांच की गई।
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अनुज मिंज से मिली कड़ी, प्रोफेसर तक पहुंची पुलिस
तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस को दुर्ग निवासी अनुज मिंज के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। टीम ने दुर्ग पहुंचकर उसे पकड़ा। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अन्य आरोपितों तक पहुंची।
लगातार 36 घंटे की जांच के बाद प्रश्नपत्र लीक होने के स्रोत का पता चला। इसके बाद भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया की भूमिका सामने आई।
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लिफाफे में छेद कर मोबाइल से बनाया वीडियो
पुलिस के अनुसार योगेश वर्ष 2019 से भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में प्रोफेसर है। पिछले करीब एक वर्ष से वह उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र कॉलेज तक ले जाने का काम कर रहा था।
17 अगस्त को वह उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय, रायपुर पहुंचा था। इसके बाद उसने आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त किए और उन्हें दुर्ग स्थित कॉलेज ले गया। पुलिस के मुताबिक कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र वह अपने घर ले गया।
घर पहुंचने के बाद उसने लिफाफे में सुई और नुकीले उपकरण से छोटा छेद किया। इसी छेद से मोबाइल कैमरा अंदर डालकर प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग की। इसके बाद उसने प्रश्नपत्र की सामग्री की नकल तैयार की।
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छात्रों को 11 हजार में बेचा प्रश्नपत्र
पुलिस के अनुसार योगेश ने प्रश्नपत्र की सामग्री अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक और दो अन्य छात्रों को कुल 11 हजार रुपये में बेची। इसके बाद अजय नायक ने प्रश्नपत्र त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को उपलब्ध कराया।
इस तरह परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र कई छात्रों तक पहुंच गया। इसके बाद इसकी सामग्री सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
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छह गिरफ्तार, दो आरोपित अब भी फरार
पुलिस ने योगेश सोनकेसरिया, अजय नायक, त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दो अन्य आरोपितों की भूमिका भी सामने आई है, जो फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से 11 हजार रुपये नकद, छह मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल तार, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सुजा, कॉपी और फेविकोल समेत अन्य सामग्री जब्त की गई है।
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बड़े नेटवर्क की भी हो रही जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र लीक करने के पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं। साथ ही प्रश्नपत्र किन-किन लोगों तक पहुंचा और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका रही, इसकी भी जांच की जा रही है।
आरोपितों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2008 की धारा 4, 5 एवं 10 और धारा 316 बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।
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