सीजी भास्कर, 30 अगस्त। छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत रायगढ़ में पुलिस ने बैंकों में पहुंचकर खाताधारकों और बैंक कर्मचारियों को साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए। सिटी कोतवाली पुलिस की टीम ने शहर के विभिन्न बैंकों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर डिजिटल बैंकिंग के दौरान सावधानी बरतने की अपील की। (Raigarh Cyber Awareness Campaign)
- UPI और बैंकिंग लेनदेन में सावधानी जरूरी : Raigarh Cyber Awareness Campaign
- OTP और बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें
- फर्जी कॉल और KYC लिंक से रहें सतर्क
- फर्जी कस्टमर केयर और डिजिटल अरेस्ट से बचें : Raigarh Cyber Awareness Campaign
- सोशल मीडिया पर भी सावधानी जरूरी
- ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत : Raigarh Cyber Awareness Campaign
UPI और बैंकिंग लेनदेन में सावधानी जरूरी : Raigarh Cyber Awareness Campaign
पुलिस टीम ने कोटक महिंद्रा बैंक, यूको बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक मिलूपारा में पहुंचकर लोगों से चर्चा की। इस दौरान बताया गया कि साइबर ठग डिजिटल भुगतान की सुविधा का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि UPI PIN केवल भुगतान करने के लिए इस्तेमाल होता है, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं।
पुलिस ने लोगों से अनजान व्यक्ति के कहने पर QR कोड स्कैन नहीं करने और किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने की अपील की।
OTP और बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें
जागरूकता कार्यक्रम (Raigarh Cyber Awareness Campaign) में लोगों को बताया गया कि बैंक, पुलिस, RBI या किसी अधिकृत संस्था का अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति यदि OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड या कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी मांगता है तो उसे साझा नहीं करना चाहिए।
साइबर ठग अक्सर KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने, बिजली बिल बकाया, सिम बंद होने या खाते में संदिग्ध गतिविधि का डर दिखाकर लोगों से बैंकिंग जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं।

फर्जी कॉल और KYC लिंक से रहें सतर्क
पुलिस के अनुसार ठग बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर कर्मचारी या सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते हैं और तत्काल कार्रवाई का दबाव बनाते हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय कॉल काटकर संबंधित संस्था के आधिकारिक नंबर पर स्वयं संपर्क करने की सलाह दी गई।
KYC अपडेट के नाम पर भेजे गए अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और संदिग्ध एप डाउनलोड नहीं करने को भी कहा गया। इसके अलावा किसी को स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस की अनुमति न देने की सलाह दी गई।
फर्जी कस्टमर केयर और डिजिटल अरेस्ट से बचें : Raigarh Cyber Awareness Campaign
पुलिस ने बताया कि इंटरनेट पर मिले फर्जी कस्टमर केयर नंबर के जरिए भी लोगों से OTP, कार्ड डिटेल और UPI PIN हासिल कर ठगी की जा रही है। किसी बैंक या ऑनलाइन सेवा का हेल्पलाइन नंबर हमेशा उसकी आधिकारिक वेबसाइट या एप से ही लेने की सलाह दी गई।
इसके साथ ही पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर भी लोगों को जागरूक किया। पुलिस, CBI, ED या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे मांगने वालों से सावधान रहने को कहा गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि फोन या वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट कर पैसे जमा कराने की कोई वैध प्रक्रिया नहीं है।
सोशल मीडिया पर भी सावधानी जरूरी
पुलिस ने सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड और दो-स्तरीय सुरक्षा का इस्तेमाल करने की सलाह दी। अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट, मैसेज और वीडियो कॉल से सावधान रहने के साथ निजी फोटो, दस्तावेज और बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की अपील की गई।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत : Raigarh Cyber Awareness Campaign
पुलिस ने बताया कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर पीड़ित को तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। साथ ही संबंधित बैंक को तत्काल सूचना देनी चाहिए, ताकि लेनदेन पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पीड़ितों को स्क्रीनशॉट, मोबाइल नंबर, UPI ID, बैंक खाता विवरण, ट्रांजेक्शन आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की सलाह भी दी गई।



