सीजी भास्कर, 30 अगस्त। साइबर ठगी के शिकार लोगों के लिए राहत की खबर है। अब 50 हजार रुपए तक की होल्ड रकम वापस पाने के लिए पीड़ितों को कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नई व्यवस्था के तहत पुलिस के पास क्षतिपूर्ति बॉन्ड जमा करने के बाद राशि वापस करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए रायपुर में फिलहाल 100 रुपए का बॉन्ड लिया जा रहा है। (Cyber Fraud Money Refund)
- एक सप्ताह में मिल सकती है होल्ड रकम : Cyber Fraud Money Refund
- बॉन्ड की राशि को लेकर अलग-अलग व्यवस्था
- तीन साल में 68 हजार लोगों से 729 करोड़ की ठगी : Cyber Fraud Money Refund
- 50 हजार तक की राशि के लिए एफआईआर जरूरी नहीं
- 50 हजार से ज्यादा रकम पर एफआईआर जरूरी
- होल्ड रकम वापस लेने की प्रक्रिया : Cyber Fraud Money Refund
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एक सप्ताह में मिल सकती है होल्ड रकम : Cyber Fraud Money Refund
गृह मंत्रालय और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की नई व्यवस्था के तहत मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल और ग्रीवांस रिड्रेसल मैकेनिज्म के जरिए होल्ड रकम वापस करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। 50 हजार रुपए तक की राशि के लिए पीड़ित से क्षतिपूर्ति बॉन्ड लेने के बाद करीब एक सप्ताह के भीतर रकम खाते में वापस की जा सकती है।
यह बॉन्ड एक तरह का शपथ पत्र होगा। इसमें पीड़ित को यह सहमति देनी होगी कि यदि भविष्य में अदालत के आदेश पर रकम वापस करनी पड़ी तो वह इसके लिए जिम्मेदार होगा।
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बॉन्ड की राशि को लेकर अलग-अलग व्यवस्था
क्षतिपूर्ति बॉन्ड की राशि को लेकर अलग-अलग जगहों पर अलग व्यवस्था सामने आ रही है। रायपुर में फिलहाल 100 रुपए का बॉन्ड लिया जा रहा है, जबकि कुछ जगहों पर 1000 रुपए तक का बॉन्ड लिया जा रहा है। इंडियन स्टाम्प एक्ट-1899 के तहत क्षतिपूर्ति बॉन्ड के लिए 1000 रुपए की स्टाम्प ड्यूटी का प्रावधान बताया गया है।
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तीन साल में 68 हजार लोगों से 729 करोड़ की ठगी : Cyber Fraud Money Refund
राज्य में साइबर ठगी के मामलों का आंकड़ा भी चिंताजनक है। पिछले तीन साल में करीब 68 हजार लोगों से 729 करोड़ रुपए की ठगी हुई है। इनमें से लगभग 72 करोड़ रुपए की राशि होल्ड कराई गई है।
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50 हजार तक की राशि के लिए एफआईआर जरूरी नहीं
50 हजार रुपए तक की होल्ड रकम वापस लेने के लिए पीड़ित को एफआईआर या कोर्ट के आदेश की आवश्यकता नहीं होगी। पुलिस क्षतिपूर्ति बॉन्ड लेकर राशि वापस करने की प्रक्रिया पूरी करेगी।
50 हजार से ज्यादा रकम पर एफआईआर जरूरी
यदि किसी एक खाते में 50 हजार रुपए से अधिक की ठगी की रकम होल्ड है तो एफआईआर जरूरी होगी। इसके बाद मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल पर रिक्वेस्ट दर्ज (Cyber Fraud Money Refund) कर पुलिस टीम बॉन्ड और जरूरी दस्तावेज अपलोड करेगी। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रकम वापस की जाएगी।
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होल्ड रकम वापस लेने की प्रक्रिया : Cyber Fraud Money Refund
पीड़ित को मनी रेस्टोरेशन सिटीजन पोर्टल पर जाकर एक्नॉलेजमेंट नंबर या ओटीपी से लॉगइन करना होगा। इसके बाद बैंक खाते में होल्ड की गई राशि की जानकारी देखी जा सकेगी। आवश्यकतानुसार बैंक विवरण, आईएफएससी कोड, धोखाधड़ी की राशि, पैन कार्ड, एफआईआर की कॉपी और कोर्ट का रिफंड ऑर्डर जैसे दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
इसके बाद ‘रिफंड के लिए अनुरोध’ दर्ज करने पर एक यूनिक आईडी जनरेट होगी। आवेदन जांच अधिकारी तक पहुंचेगा। सत्यापन और क्षतिपूर्ति बॉन्ड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र राशि पीड़ित के खाते में वापस की जाएगी।
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