सीजी भास्कर, 01 सितम्बर। दुनिया भर में युद्ध, सप्लाई चेन की चुनौतियों और आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर्ज की है। सरकार ने इसे भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और देशवासियों की सामूहिक भागीदारी का परिणाम बताया है। (India GDP Growth)
सरकार ने जनता की भूमिका को बताया सबसे बड़ी ताकत : India GDP Growth
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक वृद्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह उपलब्धि 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प, मेहनत और विश्वास का परिणाम है। उनका कहना है कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत लगातार विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी जीडीपी आंकड़ों को उत्साहजनक बताते हुए कहा कि यह केवल एक सांख्यिकीय उपलब्धि नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन का संकेत है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बना ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन
पहली तिमाही में विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र ने 9.2 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की, जिसने समग्र जीडीपी को मजबूत आधार दिया। सरकार के अनुसार औद्योगिक गतिविधियों में तेजी और उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी से अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।
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स्वदेशी और घरेलू निवेश पर दिया गया जोर : India GDP Growth
सरकार ने नागरिकों से ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूत करने की अपील की है। साथ ही अनावश्यक विदेशी यात्राओं, डेस्टिनेशन वेडिंग और गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की सलाह देते हुए घरेलू अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया है।
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कारोबार आसान बनाने के लिए बड़े सुधार
सरकार का दावा है कि व्यापार सुगमता बढ़ाने के लिए करीब 1,000 पुराने कानून समाप्त किए गए हैं और 40,000 से अधिक अनुपालन नियमों को सरल बनाया गया है। इसके अलावा उद्योग जगत के साथ लगातार संवाद, द्विपक्षीय व्यापार समझौते और विदेशी निवेश में बढ़ोतरी से भारतीय बैंकिंग प्रणाली में भरोसा भी मजबूत हुआ है।
चुनौतियों के बीच मजबूत बनी रही अर्थव्यवस्था :India GDP Growth
कोविड महामारी के बाद वैश्विक स्तर पर लगातार आर्थिक अस्थिरता बनी हुई है, लेकिन भारत ने घरेलू मांग, औद्योगिक विकास और नीतिगत सुधारों के दम पर मजबूत वृद्धि दर हासिल की है। सरकार का मानना है कि यही गति देश को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाएगी।
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