सीजी भास्कर, 8 सितंबर : फर्जी और कूटरचित दस्तावेज के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने वाले सहायक शिक्षक (Farji Praman Patra Teacher) के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में प्रमाण पत्र से जुड़ी गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बाद शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की जा रही है।
यह भी पढ़ें…Korba Suicide Case : रील देखते-देखते गया नेटवर्क, महिला ने कीटनाशक का सेवन; इलाज के दौरान मौत
11 साल बाद दोबारा किया डीएड, यहीं से गहराया संदेह
मामला बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड का है। शासकीय प्राथमिक शाला कंजिया में पदस्थ सहायक शिक्षक (एलबी) रामेश्वर प्रसाद साहू के खिलाफ पिसीद, कसडोल निवासी हेमदास मानिकपुरी ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि शिक्षक ने वर्ष 2011 में फर्जी डीएड अंकसूची के आधार पर शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के पद पर नियुक्ति हासिल की थी।
शिकायत के अनुसार, रामेश्वर प्रसाद साहू ने सत्र 2008 की डीएड अंकसूची, रोल नंबर 47240442 प्रस्तुत की थी। नियुक्ति के करीब 11 साल बाद उन्होंने पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर से दोबारा डीएड किया। इसके बाद वर्ष 2011 में नियुक्ति के समय लगाए गए प्रमाण पत्र को लेकर संदेह गहरा गया और जांच शुरू की गई।
यह भी पढ़ें…Weather Rain Alert : छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज: बारिश थमी तो बढ़ा तापमान
प्रमाण पत्र की सील ने खोल दी फर्जीवाड़े की पोल
फर्जी प्रमाण पत्र मामला (Farji Praman Patra Teacher) सामने आने के बाद कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कसडोल और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कसडोल ने मामले की जांच की। जांच के दौरान शिक्षक द्वारा 4 जनवरी 2011 को कार्यभार ग्रहण करते समय लगाए गए डीएड प्रमाण पत्र की सील में गंभीर विसंगति मिली।
प्रमाण पत्र पर लगी सील में जिला बलौदाबाजार अंकित था, जबकि बलौदाबाजार जिले का गठन वर्ष 2012 में हुआ था। इसके अलावा एक अन्य प्रतिवेदन की सील में जिला रायपुर दर्ज पाया गया। इन दस्तावेजों में सामने आई विसंगतियों के आधार पर जांच में प्रमाण पत्र को फर्जी और कूटरचित पाए जाने की बात सामने आई।
यह भी पढ़ें…Mirzapur The Movie : तीसरे दिन 36 करोड़ की कमाई, 100 करोड़ क्लब से बस इतना दूर मिर्जापुर
आचरण नियमों का उल्लंघन, तत्काल प्रभाव से निलंबन
जांच प्रतिवेदन के आधार पर शिक्षक के कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के विपरीत पाया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत रामेश्वर प्रसाद साहू के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
फर्जी डीएड प्रमाण पत्र (Farji Praman Patra Teacher) के आधार पर नियुक्ति हासिल करने के मामले में शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि निलंबन के साथ मामले की पृथक विभागीय जांच संस्थित की जा रही है।
यह भी पढ़ें…Durg Employee Threat FIR : केबल कर्मचारी से गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी, दो लोगों पर FIR
पलारी बीईओ कार्यालय बनाया गया मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान रामेश्वर प्रसाद साहू का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, पलारी निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई से सरकारी नौकरी में फर्जी दस्तावेज लगाने के मामलों को लेकर सख्ती का संकेत मिला है। फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी (Farji Praman Patra Teacher) हासिल करने के आरोपों की अब विभागीय जांच भी होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
शिकायत के बाद जांच में सामने आया पूरा मामला
कलेक्टर जनदर्शन में मिली शिकायत के बाद शुरू हुई जांच में नियुक्ति के समय प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच की गई। दस्तावेजों पर दर्ज जिले और संबंधित तारीखों में सामने आए अंतर ने मामले को गंभीर बना दिया। खास तौर पर वर्ष 2011 के प्रमाण पत्र पर बलौदाबाजार जिले का उल्लेख जांच का प्रमुख आधार बना।
अब विभागीय जांच में नियुक्ति से जुड़े अन्य दस्तावेजों और परिस्थितियों की भी पड़ताल की जाएगी। फर्जी प्रमाण पत्र शिक्षक मामला (Farji Praman Patra Teacher) सामने आने के बाद प्रशासन की कार्रवाई पर आगे की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
खबरें और भी हैं : Cyber Fraud Account Case : साइबर ठगी के लिए बैंक खाते देने वाले दो आरोपी गिरफ्तार




