सीजी भास्कर, 17 सितंबर। आरंग तहसील क्षेत्र में अपनी पुश्तैनी जमीन को लेकर 68 वर्षीय किसान रमाकांत लोधी पिछले करीब ढाई साल से अधिकारियों के चक्कर (Land Dispute) लगा रहे हैं। किसान का आरोप है कि फर्जी दस्तावेज और गलत सीमांकन के जरिए उनकी जमीन को दूसरे भूखंड का हिस्सा बताकर कब्जे की कोशिश की जा रही है।
रमाकांत के मुताबिक आरंग के पटवारी हल्का नंबर 29 में खसरा नंबर 3098 की 0.0410 हेक्टेयर जमीन उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि है। उनका आरोप है कि खसरा नंबर 3101 की जमीन की बिक्री के दौरान उनकी जमीन को भी उसी भूखंड का हिस्सा बताकर दस्तावेजों में शामिल कर दिया गया।

एकपक्षीय सीमांकन पर उठाए सवाल Land Dispute
किसान का आरोप है कि पड़ोसी भू-स्वामियों की मौजूदगी के बिना एकपक्षीय सीमांकन कराया गया। इसके बाद उनकी जमीन की स्थिति राजस्व अभिलेखों में अलग तरीके से दर्शाई गई। रमाकांत ने 2024 और 2026 में हुए सीमांकन के खिलाफ लिखित आपत्ति भी दर्ज कराई है।
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100 साल पुराना नक्शा होने का दावा
रमाकांत का कहना है कि उनके पास करीब 100 साल पुराना जमीन का नक्शा और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं। उनका दावा है कि इन दस्तावेजों के बावजूद उनकी शिकायत का समाधान नहीं हुआ और उन्हें लगातार अलग-अलग अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
तहसीलदार से मुख्यमंत्री जनदर्शन तक शिकायत
किसान के मुताबिक उन्होंने तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर समेत कई अधिकारियों के पास शिकायत की है। उन्होंने मुख्यमंत्री जनदर्शन में भी अपनी समस्या रखी है। रमाकांत ने सीमांकन रिपोर्ट की दोबारा जांच कराने और मामले का निराकरण होने तक जमीन पर निर्माण या कब्जे पर रोक लगाने की मांग की है।
किसान ने स्थानीय राजस्व अमले की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और जिला स्तर की टीम से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। फिलहाल मामले में किसान की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
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