सीजी भास्कर, 13 सितंबर : छत्तीसगढ़ में हल्दी की खेती (Haldi Ki Kheti Chhattisgarh) को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने की तैयारी है। सरकार ने मसाला क्षेत्र विस्तार प्रोत्साहन योजना के तहत वर्ष 2026-27 में प्रदेश में 1300 हेक्टेयर क्षेत्र में हल्दी की खेती का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए 620 लाख रुपये यानी 6.20 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में सरकार खाद्यान्न उत्पादन के साथ फसल विविधता बढ़ाने पर जोर दे रही है। उद्यानिकी फसलों को प्रोत्साहन मिलने से किसान पारंपरिक साग-सब्जियों और फल उत्पादन के साथ अब मसाला फसलों की ओर भी बढ़ रहे हैं। इससे किसानों को अतिरिक्त आय का विकल्प मिलने के साथ प्रदेश में मसाला उत्पादन का क्षेत्र भी बढ़ने की उम्मीद है।
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1300 हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य
वर्ष 2026-27 में राज्य पोषित मद के अंतर्गत मसाला क्षेत्र विस्तार प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी विभाग ने इसके तहत हल्दी फसल के क्षेत्र विस्तार के लिए 1300 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सरकार की योजना है कि किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ हल्दी जैसी मसाला फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इससे खेती में विविधता आएगी और किसानों को एक अतिरिक्त आय का साधन मिल सकेगा। हल्दी की खेती (Haldi Ki Kheti Chhattisgarh) के विस्तार से स्थानीय स्तर पर मसाला उत्पादन बढ़ने की भी उम्मीद है।
बीज खरीद पर ऐसे मिलेगा अनुदान
हल्दी बीज की आपूर्ति को लेकर सामने आ रही भ्रामक जानकारियों पर उद्यानिकी विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। विभाग के अनुसार संचालनालय या जिला स्तर से किसानों को हल्दी बीज की सीधे आपूर्ति नहीं की जाती है। शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से योजना का अनुदान दिया जाता है।
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किसानों द्वारा खरीदे गए बीज के देयकों और अन्य जरूरी अभिलेखों की जांच की जाती है। इसके साथ ही खेत और फसल का भौतिक सत्यापन होने के बाद ही अनुदान भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाती है। विभाग के अनुसार जिन बीजों पर वर्तमान में अनुदान दिया जा रहा है, वे स्वस्थ और उच्च गुणवत्ता वाले हैं तथा उनके अंकुरण में किसी तरह की समस्या नहीं है।
138 लाख रुपये का भुगतान
विभाग के मुताबिक योजना के तहत अब तक किसानों के खातों में 138 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। पात्र किसानों को निर्धारित प्रक्रिया और जरूरी सत्यापन के बाद अनुदान का लाभ दिया जा रहा है।
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इस योजना से किसानों को मसाला फसलों की खेती (Haldi Ki Kheti Chhattisgarh) का विकल्प मिलेगा। इससे फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के साथ मसाला उत्पादन का क्षेत्र बढ़ाने में मदद मिलेगी। स्थानीय उत्पादन बढ़ने से मसाला आधारित कारोबार के लिए कच्चे माल की उपलब्धता भी मजबूत हो सकती है।
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
सरकार का जोर खेती को अधिक लाभकारी और विविधतापूर्ण बनाने पर है। हल्दी सहित अन्य मसाला फसलों का क्षेत्र बढ़ने से किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ अतिरिक्त आय का अवसर मिल सकता है। साथ ही प्रदेश में मसाला आधारित उद्योगों को स्थानीय स्तर पर कच्चा माल मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।
हल्दी उत्पादन (Haldi Ki Kheti Chhattisgarh) बढ़ने से स्थानीय बाजार में उपलब्धता मजबूत होने की उम्मीद है। इससे किसानों के साथ मसाला कारोबार और उससे जुड़े अन्य व्यवसायों को भी लाभ मिल सकता है। सरकार इसे किसानों की आय बढ़ाने और छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
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