सीजी भास्कर, 27 सितंबर : साढ़े 4 साल की मासूम को बहला-फुसलाकर ले गया, दुष्कर्म किया और गला घोंटकर मृत समझते हुए बोरे में बंद कर खंडहर में फेंक दिया। लेकिन बच्ची जिंदा थी। बोरे से पैर बाहर दिखने पर लोगों ने उसे देखा और अस्पताल पहुंचाया। अब इस मासूम से दुष्कर्म मामले (Durg Minor Rape Case) में अदालत ने आरोपी धनेश्वर साहू उर्फ जनता को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
घटना के महज 153 दिन बाद 25 सितंबर को विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया। 26 सितंबर को सजा का आदेश जारी किया गया। अदालत ने उम्रकैद के अलावा अलग-अलग धाराओं में 7 साल, 10 साल और 7 साल के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई है। आरोपी पर कुल 13 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
चॉकलेट का झांसा दिया
घटना 10 अप्रैल 2026 की दोपहर उतई थाना क्षेत्र के बंजारीपारा में हुई थी। बच्ची अपनी दादी से 5 रुपये लेकर घर के पास दुकान पर खाने का सामान लेने निकली थी। इसी दौरान आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने घर की छत पर ले गया। आसपास लगे CCTV कैमरों में बच्ची को आरोपी के साथ जाते हुए देखा गया था। पुलिस ने बाद में इसी फुटेज को जांच में अहम साक्ष्य के तौर पर शामिल किया।
यह भी पढ़ें : Marriage Promise Exploitation Case : शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप, 2 बार गर्भपात के बाद दूसरी से की सगाई
बोरे में बंद कर फेंका
वारदात के बाद आरोपी ने बच्ची का मुंह दबाया और उसका गला घोंटने की कोशिश की। बच्ची के बेहोश होने के बाद आरोपी ने उसे मृत समझ लिया। इसके बाद सबूत छिपाने के लिए बच्ची को तकिया कवर और जूट की बोरी में बंद किया और घर के पीछे स्थित खंडहर में फेंक दिया। जिंदा मिली मासूम (Durg Minor Rape Case) को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया।
यह भी पढ़ें : Surajpur Fake Liquor Case : ब्रांडेड शराब में मिलावट का आरोप, सूरजपुर में 2500 नकली ढक्कन और 200 रैपर बरामद
पैर दिखा तो खुला राज
बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी तो परिजन और आसपास के लोग उसकी तलाश में जुट गए। इसी दौरान दो युवकों की नजर खंडहर में पड़े एक बोरे पर गई। बोरे से बच्ची का पैर बाहर दिखाई दे रहा था। बोरा खोलने पर बच्ची गंभीर हालत में मिली। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। घटना की जानकारी फैलने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला था।
CCTV से DNA तक सबूत
पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी के घर से बाल, तकिया कवर, जूट की बोरी, बच्ची के कपड़े और आरोपी के कपड़े बरामद किए। इनकी फोरेंसिक जांच और DNA मिलान कराया गया। चिकित्सकीय जांच में बच्ची के शरीर पर खरोंच, अंदरूनी चोट और अधिक रक्तस्राव के निशान सामने आए। फोरेंसिक साक्ष्य (Durg Minor Rape Case) के साथ CCTV फुटेज और अन्य सबूतों को भी अदालत के सामने रखा गया।
यह भी पढ़ें : Vivo V80 Price Leak : Vivo V80 की लॉन्च डेट कन्फर्म, कीमत हुई लीक! जानें कितने में आ सकता है नया फोन
बच्ची ने आरोपी को पहचाना
मामले में बच्ची की गवाही भी अहम रही। अदालत में बच्ची ने पर्दे के पीछे खड़े आरोपी की पहचान की और घटना से संबंधित बयान दिया। CCTV फुटेज, DNA जांच, चिकित्सकीय साक्ष्य, बच्ची की गवाही और अन्य सबूतों के आधार पर विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को दोषी माना।
यह भी पढ़ें : Asian Games 2026 : ईरान को 39-35 से पटका, पुरुष कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड
उम्रकैद के साथ जुर्माना
अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास (Durg Minor Rape Case) की सजा सुनाई। इसके अलावा अलग-अलग धाराओं में 7 साल, 10 साल और 7 साल के सश्रम कारावास की सजा भी दी गई है। आरोपी पर कुल 13 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
यह भी पढ़ें : Mahasamund Flood : बाढ़ के पानी में घिरी शराब दुकान, अंदर फंसे दो सुरक्षाकर्मी; रेस्क्यू कर बचाया
153 दिन में आया फैसला
10 अप्रैल को हुई वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर CCTV, चिकित्सकीय और फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए। जांच पूरी होने के बाद मामला विशेष पॉक्सो अदालत में पहुंचा। 153 दिन में सजा (Durg Minor Rape Case) सुनाए जाने के साथ 25 सितंबर को आरोपी को दोषी ठहराया गया और 26 सितंबर को सजा का आदेश जारी किया गया।
यह भी पढ़ें : Chhattisgarh 1500 Crore Controversy : 1500 करोड़ की कथित वसूली पर कांग्रेस का सवाल, CBI जांच की मांग



