सीजी भास्कर, 29 सितंबर। सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के बीच अब सितारों के नाम, चेहरे और आवाज की सुरक्षा भी बड़ा कानूनी मुद्दा बनती (Personality Rights) जा रही है। किसी सेलिब्रिटी की पहचान का बिना अनुमति व्यावसायिक इस्तेमाल होने पर मामला सीधे अदालत तक पहुंच रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक 2022 से अब तक भारत में पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े करीब 50 मामले सामने आए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट में 30 सितंबर को विवेक ओबेरॉय, जाह्नवी कपूर और आराध्या बच्चन से जुड़े तीन मामलों पर सुनवाई होनी है।

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अमिताभ से सलमान तक कई सितारे पहुंचे कोर्ट Personality Rights
पिछले कुछ वर्षों में अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, अरिजीत सिंह, ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन, सलमान खान, ऋतिक रोशन, करण जौहर और अजय देवगन समेत कई सार्वजनिक हस्तियों ने अपनी पहचान के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर अदालत का रुख किया है।
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AI और डीपफेक ने बढ़ाई नई चुनौती
2026 में काजोल, मोहनलाल, वरुण धवन, प्रीति जिंटा, रवि किशन और मनोज बाजपेयी समेत कई नाम ऐसे मामलों से जुड़े। इनमें एआई से बनाए गए वीडियो, डीपफेक, आवाज की नकल, फर्जी अकाउंट और बिना अनुमति तस्वीर या नाम के व्यावसायिक इस्तेमाल जैसे मामले शामिल हैं।
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अलग कानून नहीं, मौजूदा प्रावधानों से मिलती है सुरक्षा
भारत में पर्सनैलिटी राइट्स के लिए फिलहाल कोई अलग और व्यापक कानून नहीं है। ऐसे मामलों में अदालतें निजता, गरिमा, कॉपीराइट और ट्रेडमार्क से जुड़े मौजूदा कानूनी प्रावधानों के आधार पर मामलों को देखती हैं।
एआई के बढ़ते इस्तेमाल के साथ अब बहस सिर्फ नाम और चेहरे तक सीमित नहीं रही। आवाज, डिजिटल पहचान और एआई से तैयार कंटेंट भी इसका हिस्सा बन गए हैं। आने वाले अदालती फैसलों से पहचान की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
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