सीजी भास्कर, 3 अक्टूबर : कोल-लेवी मामले में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। EOW के नोटिस (Devendra Yadav EOW Notice) के मुताबिक उन्हें 5 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे रायपुर स्थित विशेष न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। यह नोटिस EOW की जांच पूरी होने के बाद अभियोग पत्र पेश करने की प्रक्रिया से जुड़ा बताया गया है।
इससे पहले 28 सितंबर को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने देवेंद्र यादव से पूछताछ की थी। वे रायपुर स्थित EOW कार्यालय पहुंचे थे, जहां उनसे दो घंटे से अधिक समय तक पूछताछ हुई थी। मामला कोयला परिवहन में कथित अवैध वसूली से जुड़ा है। देवेंद्र यादव का नाम जांच से जुड़े दस्तावेजों में सामने आने की बात रिपोर्ट में कही गई है, जबकि यादव इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं।
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5 अक्टूबर को कोर्ट में पेशी
EOW के नोटिस में अपराध क्रमांक 03/2024 का उल्लेख किया गया है। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 7A और 12 के साथ IPC की धारा 420, 120-B, 384, 467, 468 और 471 का हवाला दिया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक विवेचना पूरी होने के बाद अभियोग पत्र विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, रायपुर के समक्ष पेश किया जाना है। विशेष न्यायालय में पेशी (Devendra Yadav EOW Notice) इसी प्रक्रिया का हिस्सा बताई जा रही है।
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28 सितंबर को हुई पूछताछ
EOW ने 28 सितंबर को देवेंद्र यादव को पूछताछ के लिए बुलाया था। यादव निर्धारित समय पर रायपुर स्थित EOW कार्यालय पहुंचे थे। एजेंसी ने उनसे कोल-लेवी मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर दो घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी। अब EOW की कार्रवाई (Devendra Yadav EOW Notice) के अगले चरण में 5 अक्टूबर को विशेष न्यायालय में उपस्थिति के निर्देश दिए गए हैं।
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540 करोड़ की कथित वसूली
जांच से जुड़े आरोपों के अनुसार, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन में प्रति टन 25 रुपये की कथित अवैध वसूली की व्यवस्था बनाई गई थी। इस मामले में करीब 540 करोड़ रुपये की कथित अवैध वसूली का आरोप लगाया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से भी इस मामले में पहले कार्रवाई की जा चुकी है। जांच एजेंसियों के आरोपों को संबंधित पक्षों ने अलग-अलग स्तर पर चुनौती दी है।
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क्या है कोल-लेवी मामला
जांच एजेंसियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन और परमिट प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं के जरिए अवैध वसूली की गई। आरोप है कि कोयला परिवहन के लिए ऑनलाइन जारी होने वाले परमिट को ऑफलाइन करने की व्यवस्था की गई थी। जांच में जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच प्रति टन 25 रुपये की दर से कथित वसूली का आरोप सामने आया। कोल-लेवी केस की जांच (Devendra Yadav EOW Notice) में कई लोगों की भूमिका की जांच की गई है।
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36 लोगों पर FIR
इस मामले में ACB/EOW ने ED की रिपोर्ट के आधार पर दो पूर्व मंत्रियों और विधायकों सहित 36 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की थी। मामले की जांच के दौरान IAS रानू साहू, IAS समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, जेडी माइनिंग एसएस नाग और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी समेत कई नाम सामने आए। इनमें से कुछ आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी और अन्य कानूनी कार्रवाई पहले हो चुकी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत जारी है।
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सूर्यकांत तिवारी की भूमिका
ED की जांच के मुताबिक कारोबारी सूर्यकांत तिवारी पर कोयला परिवहन और परमिट प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं के जरिए अवैध वसूली की व्यवस्था में मुख्य भूमिका होने का आरोप लगाया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि प्रति टन 25 रुपये की दर से रकम वसूली जाती थी और इसे कर्मचारियों के माध्यम से जमा कराया जाता था। इसके बदले संबंधित व्यापारियों को खनिज विभाग से परमिट जारी किए जाने का आरोप है।
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अब आगे क्या होगा
5 अक्टूबर को विशेष न्यायालय में होने वाली पेशी के बाद मामले में अभियोग पत्र से जुड़ी न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। कोल-लेवी मामले में अगली कार्रवाई (Devendra Yadav EOW Notice) अब विशेष न्यायालय की कार्यवाही और जांच एजेंसी की ओर से पेश किए जाने वाले दस्तावेजों पर निर्भर करेगी। देवेंद्र यादव ने मामले में लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। ऐसे में आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
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