सीजी भास्कर, 17 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ में निजी मेडिकल कॉलेजों (Chhattisgarh Medical College Fee Refund) की मनमानी फीस वसूली पर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। तीन निजी मेडिकल कॉलेजों को एमबीबीएस छात्रों से हॉस्टल, मेस और बस परिवहन के नाम पर वसूली गई अतिरिक्त फीस लौटाने का आदेश दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ छात्रों को 4.58 लाख रुपये तक वापस मिल सकते हैं। इसके साथ ही तीनों कॉलेजों पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आदेश के मुताबिक, कॉलेजों को एक महीने के भीतर अतिरिक्त राशि छात्रों के बैंक खातों में लौटानी होगी। तय समय में भुगतान नहीं करने पर 7 प्रतिशत सालाना ब्याज देने की चेतावनी भी दी गई है।
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तीनों कॉलेजों पर जुर्माना
चिकित्सा शिक्षा विभाग और प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। मामला शैक्षणिक सत्र 2022-23 से 2024-25 के दौरान छात्रों से अतिरिक्त फीस वसूलने से जुड़ा है। शासन ने तीनों संस्थानों पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने संबंधित कॉलेजों के डीन से कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। अतिरिक्त फीस वापसी (Chhattisgarh Medical College Fee Refund) के निर्देशों का पालन नहीं होने पर आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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बस सेवा के नाम पर वसूली
समिति की जांच में सामने आया कि हॉस्टल, मेस और परिवहन की सुविधाएं छात्रों के लिए वैकल्पिक होनी चाहिए। इसके बावजूद कॉलेजों में इन सुविधाओं को अनिवार्य बताकर फीस वसूलने की शिकायत सामने आई। कुछ संस्थानों में हॉस्टल परिसर के भीतर होने के बावजूद बस परिवहन के नाम पर प्रति वर्ष एक लाख से 2.50 लाख रुपये तक वसूले गए। जांच में वास्तविक परिवहन खर्च प्रति छात्र सालाना 4,600 से 13,700 रुपये के बीच पाया गया। समिति ने अतिरिक्त वसूली को नियमों के विरुद्ध माना और संबंधित राशि लौटाने की सिफारिश की।
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खर्च के दस्तावेजों पर सवाल
जांच के दौरान कॉलेजों से खर्च के दस्तावेज और अलग-अलग मदों का हिसाब मांगा गया। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ संस्थान वास्तविक खर्च का स्पष्ट ब्योरा और अलग बैलेंस शीट पेश नहीं कर सके। मेस के खर्च, कर्मचारियों के वेतन और बिजली बिल से जुड़े रिकॉर्ड में भी अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है। एक मामले में मेस के लिए हर महीने सब्जी और अन्य सामग्री पर समान खर्च दिखाया गया, जबकि गर्मियों की छुट्टियों में मेस बंद रहने की जानकारी सामने आई। अस्पताल और कॉलेज के संयुक्त बिजली बिल का हिस्सा भी हॉस्टल खर्च में जोड़े जाने पर सवाल उठे।
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छात्रों को मिलेगी राहत
इस आदेश से उन एमबीबीएस विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनसे निर्धारित ट्यूशन फीस के अतिरिक्त हॉस्टल, मेस और परिवहन के नाम पर अधिक राशि ली गई थी। समिति के निर्देशों के अनुसार, छात्रों को अतिरिक्त वसूली गई फीस वापस करनी होगी। फीस वापसी (Chhattisgarh Medical College Fee Refund) की प्रक्रिया में कॉलेजों को तय समयसीमा का पालन करना होगा। भुगतान में देरी होने पर 7 प्रतिशत सालाना ब्याज लागू करने की चेतावनी दी गई है। आदेश का पालन नहीं करने पर संस्थानों के खिलाफ मान्यता से जुड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।



