सीजी भास्कर, 6 नवंबर। जांजगीर-चांपा में निवेशकों को मोटे ब्याज का लालच देकर लाखों रुपये जमा कराने वाली चिटफंड कंपनी के दो पदाधिकारियों को अदालत ने सजा (Chit Fund Fraud) सुनाई है। कंपनी की संचालक नूरजहां बेगम और CEO राजन रत्न कुजूर को 10-10 साल के सश्रम कारावास के साथ 1-1 लाख रुपये जुर्माने की सजा दी गई है।

12.5 प्रतिशत मासिक ब्याज का दिया था लालच Chit Fund Fraud
मामला निवेशकों को हर महीने 12.5 प्रतिशत ब्याज देने का भरोसा देकर 23 लाख 50 हजार रुपये जमा कराने (Chit Fund Fraud) से जुड़ा है। शिकायतकर्ता डिकेश्वर प्रसाद साहू के मुताबिक, जनवरी से जून 2024 के बीच अलग-अलग किस्तों में यह रकम निवेश की गई थी। इसमें उनके 12 लाख 50 हजार और गरीबदास महंत के 11 लाख रुपये शामिल थे।
आरोप था कि तय समय पूरा होने के बाद भी निवेशकों को उनकी जमा रकम वापस नहीं मिली। इसके बाद बाराद्वार पुलिस ने कंपनी के पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
10 गवाह और 29 दस्तावेजी साक्ष्य पेश
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 10 गवाहों के बयान और 29 दस्तावेजी साक्ष्य (Chit Fund Fraud) प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश जयदीप गर्ग ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया।
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इन धाराओं के तहत सुनाई गई सजा
अदालत ने नूरजहां बेगम और राजन रत्न कुजूर को छत्तीसगढ़ के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम की धारा 10 और भारतीय दंड संहिता की धारा 420/34 के तहत 10-10 साल के सश्रम कारावास और 1-1 लाख रुपये जुर्माने की सजा (Chit Fund Fraud) सुनाई।
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