सीजी भास्कर, 30 सितंबर। छत्तीसगढ़ के युवा पढ़ाई और नौकरी के साथ कारोबार और तकनीक के नए प्रयोग (Youth Startup) कर रहे हैं। रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में हुए युवा नवाचार और उद्यमिता सम्मेलन में ऐसे कई आइडिया सामने आए, जिनमें मछली कारोबार, कम कीमत की इनक्यूबेटर मशीन, सीड प्लांटर रोबोट और किसानों के लिए डिजिटल मंच शामिल हैं।

पढ़ाई के साथ देसी मछलियों का कारोबार Youth Startup
कृषि विश्वविद्यालय के छात्र तन्मय वर्मा ने पढ़ाई के साथ देसी मछलियों की सप्लाई का काम शुरू किया। वे किसानों से मछलियां खरीदकर बाजार और विक्रेताओं तक पहुंचाते हैं। उनके मुताबिक कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब 50 लाख रुपए है।
3500 रुपए की इनक्यूबेटर मशीन
कोरबा के मनमोहन यादव ने मजदूरी से शुरुआत के बाद कम लागत वाली इनक्यूबेटर मशीन तैयार की। मशीन में 50 से 60 अंडे रखे जा सकते हैं और इसकी कीमत करीब 3500 रुपए है। उनके मुताबिक मशीनें अब 22 राज्यों तक पहुंच चुकी हैं और पिछले साल कारोबार करीब 24 से 25 लाख रुपए रहा।
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खेत में बीज बोएगा रोबोट
अंबिकापुर के अमन मिश्रा ने ऑटोमेटिक सीड प्लांटर रोबोट का प्रोटोटाइप तैयार किया है। मशीन जमीन में बीज लगाने के साथ उसकी डिजिटल जानकारी रिकॉर्ड करने की दिशा में विकसित की जा रही है।
किसानों के लिए बनाया डिजिटल मंच
कोरबा के सौरभ सराफ ने 15 साल की कॉरपोरेट नौकरी के बाद किसानों के लिए ‘कृषि मित्र’ ऐप तैयार किया है। इसका उद्देश्य किसानों को कृषि, बागवानी, पोल्ट्री और मत्स्य पालन से जुड़े विशेषज्ञों की सलाह एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है।
इन युवाओं के प्रयोग खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी जरूरतों के लिए तकनीक और कारोबार आधारित समाधान तैयार करने की कोशिश दिखाते हैं।
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