सीजी भास्कर, 18 सितंबर : धमतरी जिला अस्पताल में करीब 5 किलोग्राम वजन की नवजात बच्ची का सामान्य प्रसव से जन्म हुआ है। बालोद जिले के ग्राम सरबदा निवासी मनीषा साहू ने दूसरी बेटी को जन्म दिया। बच्ची के अधिक वजन के बावजूद प्रसव सामान्य तरीके से सफल रहा। मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं। 5 किलो की बच्ची (5 Kg Baby Girl) के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। पिता रामेश्वर साहू ने बेटी का नाम तृषा रखा है।
यह भी पढ़ें : Blood Donation Camp : प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर स्वास्थ्य मंत्री ने किया रक्तदान, कलेक्टर-मितानिनों ने भी बढ़ाया हाथ
सामान्य प्रसव से जन्म
मनीषा साहू को प्रसव के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रागिनी ठाकुर की निगरानी में उनका सामान्य प्रसव कराया गया। जन्म के बाद नवजात का वजन किया गया तो करीब 5 किलोग्राम पाया गया।
यह भी पढ़ें : Mahtari Vandan Yojana : ढाई साल तक मिली किस्त, फिर हजारों महिलाएं अपात्र, कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब
डॉक्टर भी हुए हैरान
अस्पताल में इतने अधिक वजन के नवजात का सामान्य प्रसव से जन्म विशेष मामला माना जा रहा है। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. तोमेश श्रीमाली के अनुसार, जिला अस्पताल में करीब 5 किलो वजन के नवजात का सामान्य प्रसव से जन्म का यह पहला मामला है।
आमतौर पर नवजात का वजन करीब 2.50 से 3 किलोग्राम के आसपास होता है। ऐसे में अधिक वजन की नवजात (5 Kg Baby Girl) का सामान्य प्रसव से जन्म चिकित्सकों के लिए भी उल्लेखनीय रहा।
यह भी पढ़ें : Application Pending : 17 जाति प्रमाण पत्र आवेदन लंबित, स्टेनो पर इतने रुपये का लगा जुर्माना
मां-बेटी दोनों स्वस्थ
प्रसव के बाद मनीषा और नवजात बच्ची दोनों की स्थिति सामान्य है। चिकित्सकों की टीम दोनों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रही है। बच्ची को फिलहाल चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
यह भी पढ़ें : CG Weather Today : गर्मी से राहत का काउंटडाउन शुरू, 19 सितंबर से बढ़ेगी बारिश, 7 जिलों में यलो अलर्ट
ब्लड शुगर का खतरा
डॉ. श्रीमाली के अनुसार, सामान्य से अधिक वजन वाले नवजात के मामलों में जन्म के बाद ब्लड शुगर कम होने यानी हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा हो सकता है। ऐसे मामलों में नवजात की नियमित निगरानी जरूरी होती है।
यह भी पढ़ें : Ambikapur Contract Killing Case : तलाक के विवाद में दामाद ने 5 लाख की सुपारी देकर कराई ससुर की हत्या
मधुमेह की भी आशंका
चिकित्सकों के अनुसार, अधिक वजन वाले नवजात के मामलों में प्रसूता को मधुमेह की समस्या होने की आशंका देखी जाती है। हालांकि, मनीषा के मामले में चिकित्सकों ने ऐसी किसी बीमारी की जानकारी नहीं दी है।
यह भी पढ़ें : Hyundai Bayon Launch : CNG के साथ Creta वाला मजा, Hyundai ला रही नई SUV
दूसरा बच्चा भी बेटी
मनीषा और रामेश्वर साहू की यह दूसरी संतान है। उनकी पहली संतान भी बेटी है। दूसरी बार बेटी के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल है। नवजात बच्ची तृषा (5 Kg Baby Girl) के स्वस्थ जन्म पर परिजन बेहद खुश हैं।
पिता ने रखा तृषा नाम
रामेश्वर साहू ने अपनी नवजात बेटी का नाम तृषा रखा है। पिता ने बताया कि बेटी के स्वस्थ जन्म से पूरा परिवार खुश है। सामान्य प्रसव से बच्ची के जन्म ने उनकी खुशी और बढ़ा दी।
यह भी पढ़ें : Hyundai Bayon Launch : CNG के साथ Creta वाला मजा, Hyundai ला रही नई SUV
अगस्त में 309 प्रसव
डॉ. श्रीमाली के अनुसार, अगस्त महीने में धमतरी जिला अस्पताल में कुल 309 प्रसव हुए। इनमें 178 सामान्य प्रसव और 131 सिजेरियन डिलीवरी शामिल हैं।
यह भी पढ़ें : Cyber Cell : 4 राज्यों तक पहुंची सुकमा पुलिस की टीम, 75 गुम और चोरी के मोबाइल बरामद, 12 लाख के फोन मालिकों को लौटाए
जरूरत पर सिजेरियन
चिकित्सकों के अनुसार, अस्पताल में गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु की स्थिति के आधार पर प्रसव की प्रक्रिया तय की जाती है। सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के साथ जरूरत पड़ने पर सिजेरियन डिलीवरी की व्यवस्था भी की जाती है।
यह भी पढ़ें : GPM Irrigation Capacity : 25 साल में बदली जीपीएम की खेती की तस्वीर, सिंचाई क्षमता 4,458 से बढ़कर 25,936 हेक्टेयर
5 किलो की बच्ची
सामान्य से अधिक वजन (5 Kg Baby Girl) होने के बावजूद मनीषा का प्रसव सामान्य तरीके से सफल रहा। मां और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं। धमतरी जिला अस्पताल में यह मामला चिकित्सकों और परिवार के लिए खास रहा।
यह भी पढ़ें : Chhattisgarh B.Ed Admission : बीएड-डीएलएड की चौथी सूची जारी, 19 सितंबर तक प्रवेश का मौका
चिकित्सकीय निगरानी जारी
फिलहाल मां और नवजात दोनों की चिकित्सकीय निगरानी की जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, अधिक वजन वाले नवजात में जन्म के बाद कुछ स्वास्थ्य जोखिमों की निगरानी जरूरी होती है। मनीषा की बच्ची तृषा की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई गई है।
खबरें और भी हैं पढ़ें : Elephant Calf Rescue : झुंड ने नहीं अपनाया तो हाथी शावक को भेजा गया रमकोला, 5 दिन तक वन विभाग ने की वापसी की कोशिश



